ज़हरीली मकड़ी का खौफ: एक काटने से महिला की जिंदगी बदली, हफ्तों ICU में रही हालत गंभीर

सोशल मीडिया पर वायरल हुई डरावनी कहानी, ब्राउन रीक्लूस मकड़ी के ज़हर ने शरीर को अंदर से तोड़ा
नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर एक महिला की आपबीती तेजी से वायरल हो रही है, जिसने लोगों को हैरान और डरा दिया है। ब्राउन रीक्लूस नाम की ज़हरीली मकड़ी के काटने के बाद महिला की हालत इतनी बिगड़ गई कि उसे हफ्तों तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा और इलाज के बाद भी शरीर पर ज़हर का असर लंबे समय तक दिखाई देता रहा।
इंस्टाग्राम यूजर मायनिटा एस. ने अपनी कहानी साझा करते हुए बताया कि 17 मई 2025 को वह पूरी तरह स्वस्थ थीं। उन्हें यह तक पता नहीं चला कि कब एक ब्राउन रीक्लूस मकड़ी ने उन्हें काट लिया। इसके कुछ ही समय बाद उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ती चली गई और उन्हें करीब दो हफ्ते अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा।
अचानक बिगड़ने लगी हालत
मायनिटा के अनुसार, एक पल वह सामान्य थीं और अगले ही पल उनका शरीर जवाब देने लगा। वह न चल पा रही थीं, न खाना खा पा रही थीं और न ही खुद की देखभाल कर पा रही थीं। उनकी आंखें तक खुल नहीं पा रही थीं। कई दिनों तक उनकी हार्ट रेट 140 से 160 के बीच बनी रही और ऑक्सीजन लेवल खतरनाक स्तर तक गिर गया।
हालात इतने गंभीर हो गए कि डॉक्टरों को उन्हें वेंटिलेटर पर रखना पड़ा। इस दौरान उनका हीमोग्लोबिन तेजी से गिरने लगा, जिससे स्थिति और जटिल हो गई। मायनिटा ने लिखा, “मेरा शरीर अंदर ही अंदर खुद से लड़ रहा था। मुझे समझ नहीं आ रहा था कि मेरे साथ क्या हो रहा है।” लंबे समय तक वह आसपास की चीजों से भी अनजान रहीं।
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अस्पताल से छुट्टी के बाद भी नहीं थमा असर
सबसे चौंकाने वाली बात तब सामने आई, जब अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद भी उनके शरीर पर ज़हर का असर बना रहा। उन्होंने एक वीडियो साझा किया, जिसमें उनकी त्वचा बड़े-बड़े टुकड़ों में उतरती हुई नजर आई। उन्होंने लिखा कि मकड़ी के ज़हर का असर इतना खतरनाक था कि उनकी त्वचा सांप की तरह छिलने लगी।
कितनी खतरनाक होती है ब्राउन रीक्लूस मकड़ी
ब्राउन रीक्लूस मकड़ी मुख्य रूप से अमेरिका के दक्षिणी और मध्य हिस्सों में पाई जाती है। यह आमतौर पर अंधेरी, सूखी और बंद जगहों जैसे अलमारी, बेसमेंट और स्टोर रूम में रहती है। इसके शरीर पर बने वायलिन के आकार के निशान से इसकी पहचान होती है।
इस मकड़ी का काटना शुरुआत में दर्दनाक नहीं होता, इसी कारण लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन बाद में यह जानलेवा भी साबित हो सकता है। हल्के मामलों में सूजन, नीला पड़ना, छाले और मांसपेशियों में दर्द होता है, जबकि गंभीर मामलों में बुखार, उल्टी, चक्कर, रैश, खून से जुड़ी समस्याएं और अंगों को नुकसान पहुंच सकता है। ऐसे लक्षण दिखते ही तुरंत इलाज बेहद जरूरी होता है।

Niraj Tiwari
Independent journalist with 5 years of hands-on experience covering ground reports, interviews, and investigative stories. Committed to truthful reporting and ethical journalism.
