भारत ने ईरानी जहाजों को डॉकिंग की अनुमति देने का फैसला किया

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने संसद में बताया कि भारत ने ईरानी जहाजों को डॉकिंग की अनुमति देने का फैसला किया है. यह फैसला मध्य पूर्व में तनाव को कम करने के लिए किया गया है. जयशंकर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस मामले पर करीब से नजर रखे हुए हैं.
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने संसद में बताया कि भारत ने ईरानी जहाजों को डॉकिंग की अनुमति देने का फैसला किया है. यह फैसला मध्य पूर्व में तनाव को कम करने के लिए किया गया है. जयशंकर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस मामले पर करीब से नजर रखे हुए हैं और संबंधित मंत्रालय इस मामले में समन्वय कर रहे हैं.
जयशंकर ने कहा कि मध्य पूर्व में जारी संघर्ष भारत के लिए विशेष चिंता का विषय है. उन्होंने कहा कि भारत इस मामले में संवाद और कूटनीति के माध्यम से तनाव को कम करने का प्रयास कर रहा है. जयशंकर ने कहा कि भारत ने हमेशा शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने का प्रयास किया है और इस मामले में भी वह aynı लक्ष्य को हासिल करने का प्रयास कर रहा है.
इस मामले में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने से अंतर्राष्ट्रीय समुदाय चिंतित है. जयशंकर ने कहा कि भारत इस मामले में संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के साथ मिलकर काम कर रहा है ताकि शांति और स्थिरता को बढ़ावा दिया जा सके.
जयशंकर ने कहा कि भारत ने ईरानी जहाजों को डॉकिंग की अनुमति देने का फैसला करने से पहले सभी पक्षों के साथ विचार-विमर्श किया था. उन्होंने कहा कि यह फैसला भारत के हितों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है और इसका उद्देश्य क्षेत्र में शांति और स्थिरता को बढ़ावा देना है.
इस मामले में विपक्षी दलों ने भारत सरकार से सवाल पूछे हैं कि क्या यह फैसला अमेरिका के साथ भारत के संबंधों पर प्रभाव डालेगा. जयशंकर ने कहा कि भारत के अमेरिका के साथ संबंध मजबूत हैं और यह फैसला भारत के हितों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है.
अंत में, जयशंकर ने कहा कि भारत मध्य पूर्व में शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए प्रयास कर रहा है और ईरानी जहाजों को डॉकिंग की अनुमति देने का फैसला इसी दिशा में एक कदम है.
