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        अनुराग कश्यप ने 'नशेड़ी' आरोपों को ठुकराया, वासेपुर पर भी दिया तेज़ जवाब

        Niraj TiwariNiraj Tiwari
        Nov 1, 2025, 2:34 PM
        अनुराग कश्यप ने 'नशेड़ी' आरोपों को ठुकराया, वासेपुर पर भी दिया तेज़ जवाब
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        इंटरव्यू में अनुराग ने लोगों को चौंकाते हुए कहा — आंखें मेरी नियति हैं, फिल्मों के फ्लॉप-टिकट मेरे आत्म-मूल्य से बड़े नहीं; और 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' को बताया वो फिल्म जिससे उन्हें नफरत है।

        फिल्ममेकर अनुराग कश्यप ने हालिया एक इंटरव्यू में उन आरोपों और टिप्पणियों का खुलकर जवाब दिया है जिनके चलते अक्सर उन्हें सोशल मीडिया पर निशाना बनाया जाता है। डिजिटल कमेंट्री के साथ बातचीत में अनुराग ने अपने ऊपर लगे ‘नशेड़ी’ और अन्य अपमानजनक टैग को मज़ाकिया अंदाज में खारिज किया — और अपनी फिल्मों, खासकर 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' पर भी साफ-साफ प्रतिक्रिया दी।

        “मेरी बड़ी आंखें — मेरी किस्मत”
        अनुराग ने कहा कि लोग उन्हें उनकी बड़ी आँखों के कारण ताने देते हैं: “मेरी आंखें बड़ी-बड़ी हैं ना, सारी परेशानी इसी वजह से है। इसलिए लोग मुझे गंजेड़ी और नशेड़ी और पता नहीं क्या-क्या बुलाते हैं। अब ये मेरी गलती थोड़ी ना है कि मैं इन आंखों के साथ पैदा हुआ हूं।” उनका तंज़-भरा अंदाज चर्चा का केंद्र बना।

        बॉक्स-ऑफिस फ्लॉप पर तीखा जवाब
        उनके काम के व्यावसायिक पक्ष पर उठे सवालों पर अनुराग ने कहा कि किसी फिल्म का बॉक्स-ऑफिस पर कम प्रदर्शन होना उसकी काबिलियत का अंतिम पैमाना नहीं है। उन्होंने तंज करते हुए कहा कि अगर उनकी फिल्में थिएटर में देखी जातीं तो घर उस कमाई से चलता — परंतु “अगर तुम मेरी फिल्में देखने नहीं जाते तो मेरे परिवार का भरण-पोषण तुम्हारे कारण नहीं रुकता।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि उनके फ़िल्मीनिवेश और नुकसान के पैमाने को केवल सिमित व्यावसायिक आँकड़ों से नहीं आँका जाना चाहिए।

        'गैंग्स ऑफ वासेपुर' पर हैनास्पष्ट बयान
        अपने सबसे चर्चित प्रोजेक्ट 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' के बारे में उन्होंने चौंकाने वाला बयान दिया: “मुझे वासेपुर से सख्त नफरत है। जो भी कोई मुझे बोलता है कि वासेपुर वाला हूँ तो मन करता है कि जूता निकाल कर मारूं।” अनुराग ने यह स्पष्ट किया कि प्रोजेक्ट के प्रति उनका व्यक्तिगत जुड़ाव और पेशेवर रिश्ते जटिल रहे — और दर्शकों के बीच इसकी लोकप्रियता के बावजूद, उनके लिए यह संस्मरण हमेशा संघर्षपूर्ण रहा।

        निर्देशक-भूमिका पर स्वाभाविक अंदाज़
        इंटरव्यू के दौरान अनुराग ने अपने काम, आलोचनाओं और फैंस के व्यवहार पर भी दार्शनिक टिप्पणी की। वे बेबाक अंदाज़ में कहते रहे — आलोचना से उन्हें फर्क पड़ता है, पर वे अपनी रचनात्मक पहचान और सिनेमाई मज़बूरी से पीछे नहीं हटते।

         

        Niraj Tiwari
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        Niraj Tiwari

        Independent journalist with 5 years of hands-on experience covering ground reports, interviews, and investigative stories. Committed to truthful reporting and ethical journalism.

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