पैरों की इस छोटी सी गांठ से बन सकता है बड़ा दर्द, जानिए बूनियन डिजीज के छिपे खतरे

रायपुर। क्या आपने कभी अपने पैर के अंगूठे के पास हड्डी जैसा उभार महसूस किया है? अगर हां, तो इसे हल्के में न लें। यह ‘बूनियन डिजीज (Bunion Disease)’ हो सकती है, जो धीरे-धीरे चलने-फिरने की क्षमता को प्रभावित कर सकती है।
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया में हर चार में से एक व्यक्ति किसी न किसी रूप में बूनियन से परेशान है। खास बात यह है कि महिलाओं में इसका खतरा पुरुषों की तुलना में 10 गुना अधिक पाया गया है।
क्या है बूनियन?
यह पैर के बड़े अंगूठे के जोड़ पर बनने वाली हड्डी जैसी गांठ है, जो समय के साथ दर्दनाक हो जाती है। शुरुआत में हल्की सूजन और असहजता दिखती है, लेकिन बाद में यह उभार बढ़कर चलने में रुकावट पैदा करता है। कई बार जूते पहनना तक मुश्किल हो जाता है।
क्यों होता है बूनियन?
गलत जूते या हाई हील्स पहनना इसकी सबसे आम वजह है। टाइट या नुकीले शूज अंगूठे को दबाते हैं, जिससे हड्डी अपनी जगह से खिसक जाती है। इसके अलावा जेनेटिक कारण, फ्लैट फुट, ज्यादा वजन या लंबे समय तक खड़े रहना भी इसका कारण बन सकता है।
अगर इलाज न किया जाए तो क्या होता है?
डॉक्टरों का कहना है कि अनदेखा करने पर यह समस्या बर्साइटिस, हैमर-टो या आस्टियोआर्थराइटिस जैसी बीमारियों का रूप ले सकती है। दर्द इतना बढ़ सकता है कि रोज़मर्रा के काम भी प्रभावित हो जाएं।
इलाज और बचाव के तरीके:
अधिकांश मामलों में सर्जरी की जरूरत नहीं होती।
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चौड़े और आरामदायक जूते पहनें।
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पैरों की एक्सरसाइज करें।
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बर्फ से सिंकाई करें।
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जरूरत पड़े तो डॉक्टर से ऑर्थोटिक्स या पेन रिलीफ सलाह लें।
अगर उभार बढ़ जाए या दर्द असहनीय हो, तो सर्जरी आखिरी विकल्प होती है।
विशेषज्ञों की सलाह:
बूनियन से बचने का सबसे अच्छा तरीका है — सही फुटवियर का चयन। महिलाएं हाई हील्स पहनें, लेकिन सीमित समय के लिए। पैरों की सेहत का ख्याल रखना उतना ही जरूरी है जितना दिल या दिमाग का।

Niraj Tiwari
Independent journalist with 5 years of hands-on experience covering ground reports, interviews, and investigative stories. Committed to truthful reporting and ethical journalism.
