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        गरुड़ पुराण का सख्त संदेश: पत्नी को कष्ट देने वालों को यमलोक में मिलती है भयानक सजा

        Niraj TiwariNiraj Tiwari
        Dec 19, 2025, 4:10 PM
        गरुड़ पुराण का सख्त संदेश: पत्नी को कष्ट देने वालों को यमलोक में मिलती है भयानक सजा
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        अर्धांगिनी का अपमान करने वालों के पुण्य नष्ट होते हैं, विश्वासघात को बताया गया महापाप

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        नई दिल्ली। हिंदू धर्म में पत्नी को अर्धांगिनी कहा गया है, यानी पति के जीवन और धर्म का आधा हिस्सा। लेकिन समाज में आज भी कई ऐसे उदाहरण देखने को मिलते हैं, जहां पुरुष अपनी शक्ति या अहंकार में पत्नी के साथ क्रूर व्यवहार करता है। गरुड़ पुराण में ऐसे आचरण को गंभीर पाप माना गया है और इसके लिए कठोर दंड का उल्लेख किया गया है।

        यमलोक में मिलती है कठोर सजा

        गरुड़ पुराण के अनुसार, जो पति बिना कारण अपनी पत्नी को मानसिक या शारीरिक पीड़ा पहुंचाता है, उसे मृत्यु के बाद यमलोक के कुम्भीपाक नरक में दंड दिया जाता है। यहां पापी को खौलते तेल के कड़ाहों में डाला जाता है। यह सजा उन लोगों के लिए बताई गई है, जो पत्नी के सम्मान की रक्षा करने के बजाय उसका तिरस्कार करते हैं।

        विश्वासघात को बताया गया महापाप

        ग्रंथ में यह भी उल्लेख है कि जो पुरुष पराई स्त्री के मोह में पड़कर अपनी पत्नी को धोखा देता है, उसे त्यागता है या प्रताड़ित करता है, उसे अगले जन्म में भयानक रोग, दरिद्रता और अपमान झेलना पड़ता है। पत्नी के साथ किया गया विश्वासघात गरुड़ पुराण में सबसे बड़ा ब्रह्मपाप माना गया है।

        दान–पुण्य भी हो जाते हैं निष्फल

        गरुड़ पुराण के अनुसार, जो पुरुष अपनी पत्नी को अपशब्द कहता है, भूखा रखता है या उसका अपमान करता है, उसके द्वारा किया गया दान, पूजा-पाठ और तीर्थ यात्रा निष्फल हो जाती है। ऐसे व्यक्ति की प्रार्थनाएं स्वीकार नहीं होतीं। शास्त्रों में पत्नी को लक्ष्मी स्वरूप माना गया है और जहां लक्ष्मी का अपमान होता है, वहां दरिद्रता और अशांति का वास होता है।

        नैतिक संदेश भी है गरुड़ पुराण

        यह शिक्षा केवल मृत्यु के बाद मिलने वाले दंड तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन के नैतिक मूल्यों को भी स्पष्ट करती है। गरुड़ पुराण यह सिखाता है कि शक्ति का अर्थ शोषण नहीं, बल्कि संरक्षण है। जिस घर में स्त्री का सम्मान होता है, वहीं सुख, शांति और समृद्धि निवास करती है।

        अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। Chhattisgarhvaani.comइस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। 

        Niraj Tiwari
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        Niraj Tiwari

        Independent journalist with 5 years of hands-on experience covering ground reports, interviews, and investigative stories. Committed to truthful reporting and ethical journalism.

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