दिल्ली में सांस लेना हुआ मुश्किल: धनतेरस के बाद AQI 430 पार, कृत्रिम बारिश की तैयारी तेज

धनतेरस के बाद दिल्ली की हवा और जहरीली हो गई है। कई इलाकों में AQI गंभीर श्रेणी में पहुंच गया है। सरकार ने क्लाउड सीडिंग यानी कृत्रिम बारिश की तैयारी शुरू कर दी है।
नई दिल्ली। त्योहारों की रौनक के बीच दिल्ली की हवा फिर से जानलेवा होती जा रही है। धनतेरस के बाद प्रदूषण स्तर खतरे के लाल निशान से ऊपर चला गया है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) गंभीर श्रेणी में पहुंच गया है।
राजधानी में दमघोंटू हवा, कई इलाकों में AQI 400 के पार
दिल्ली के आनंद विहार में AQI 430 दर्ज हुआ, जो “गंभीर” श्रेणी में आता है।
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अक्षरधाम में 426
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अशोक विहार में 306
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बवाना में 309
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जहांगीरपुरी में 318
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द्वारका सेक्टर-8 में 341
वहीं, चांदनी चौक, आईजीआई एयरपोर्ट और आईटीओ जैसे क्षेत्रों में भी वायु बेहद प्रदूषित पाई गई। चांदनी चौक का एक्यूआई 291, आईजीआई एयरपोर्ट 288 और आईटीओ 284 दर्ज किया गया।
प्रदूषण नियंत्रण के लिए चल रहे प्रयास
दिल्ली प्रशासन और सरकार की ओर से लगातार प्रयास जारी हैं। सड़कों पर पानी का छिड़काव किया जा रहा है और सफाई अभियान को तेज किया गया है।
ग्रैप-1 चरण पहले से लागू है, जिसके तहत कई पाबंदियाँ लगाई गई हैं। बावजूद इसके प्रदूषण में कमी नहीं आई है, जिससे दिवाली के बाद हालात और बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है।
कृत्रिम बारिश बनेगी ‘संजीवनी’?
यदि हालात काबू में नहीं आए तो क्लाउड सीडिंग (कृत्रिम बारिश) ही आखिरी उपाय बन सकता है।
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिरसा ने बताया कि कृत्रिम बारिश की तैयारी पूरी है, और दिवाली से एक-दो दिन बाद इसे अंजाम दिया जा सकता है।
जानिए AQI रीडिंग का मतलब
| AQI स्तर | श्रेणी |
|---|---|
| 0-50 | अच्छा |
| 51-100 | संतोषजनक |
| 101-150 | संवेदनशीलों के लिए हानिकारक |
| 151-200 | खराब |
| 201-300 | बहुत खराब |
| 301+ | गंभीर (जानलेवा) |
विशेषज्ञों के अनुसार, इस स्तर पर हवा में मौजूद सूक्ष्म कण (PM2.5 और PM10) श्वसन तंत्र के लिए बेहद खतरनाक हो जाते हैं।
डिस्क्लेमर:
यह रिपोर्ट CPCB के ताज़ा आंकड़ों और सरकारी बयानों पर आधारित है।
cgvarta.com इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता है।

Niraj Tiwari
Independent journalist with 5 years of hands-on experience covering ground reports, interviews, and investigative stories. Committed to truthful reporting and ethical journalism.
