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        गोरखपुर में अंतरराज्यीय चोर गिरोह का पर्दाफाश, करोड़ों की चोरी का माल बरामद

        Niraj TiwariNiraj Tiwari
        Sep 11, 2025, 2:04 PM
        गोरखपुर में अंतरराज्यीय चोर गिरोह का पर्दाफाश, करोड़ों की चोरी का माल बरामद
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        गोरखपुर। खजनी थाना पुलिस व एंटी थेफ्ट सेल की संयुक्त टीम ने बुधवार को बड़ी सफलता हासिल करते हुए अंतरराज्यीय चोर गिरोह का पर्दाफाश किया। पुलिस ने गिरोह के आठ सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 5.45 लाख रुपये नकद, एक करोड़ रुपये से अधिक के सोने-चांदी के जेवरात और पांच किलो चरस बरामद किए हैं।

        पुलिस के मुताबिक, इन आरोपितों पर अलग-अलग थानों में 18 से 25 मुकदमे दर्ज हैं। गिरोह ने 22 जुलाई से 30 अगस्त के बीच गोरखपुर व आसपास के जिलों में 15 से अधिक घरों में सेंधमारी कर तीन करोड़ रुपये से ज्यादा की चोरी की थी।


         कैसे पकड़े गए चोर?

        पुलिस ने गिरोह की पहचान सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस और मोबाइल लोकेशन की मदद से की।
        गिरफ्तार आरोपित हैं —

        • चांद अली उर्फ तौफीक

        • इरफान

        • परवेज

        • अफरोज

        • सोनू

        • भीम

        • स्वर्ण व्यवसायी गौरीशंकर और उसका बेटा आदित्य सोनी

        पुलिस लाइन में घटना का खुलासा करते हुए एसएसपी राजकरन नय्यर और एसपी साउथ जितेंद्र कुमार ने बताया कि गिरोह पहले टारगेट घरों की रेकी करता और फिर सुनसान या खाली घरों को निशाना बनाता था।


         बरामद सामान और गैंग की करतूतें

        • 900 ग्राम सोना

        • 1235 ग्राम चांदी

        • 5.45 लाख रुपये नकद

        • 5 किलो चरस

        • एक तमंचा, कारतूस और चोरी के उपकरण (हथौड़ी, आरी, पेचकस, छीनी, कटर, पिकअप वाहन)

        पुलिस ने बताया कि ये लोग चोरी के अलावा गोवंशीय पशुओं और मादक पदार्थों की तस्करी भी करते थे। जेवर को संतकबीरनगर व बिहार में बेचते थे।


         आगे होगी गैंगस्टर की कार्रवाई

        एसएसपी ने कहा कि इन आरोपितों पर अब गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।
        इसके साथ ही, गिरफ्तारी करने वाली खजनी पुलिस, एसपी साउथ और स्वाट टीम को पुरस्कृत किया जाएगा।

        उन्होंने सर्राफा कारोबारियों को निर्देश दिया कि:

        • दुकान पर दो रजिस्टर रखें — एक नियमित लेखाजोखा और दूसरा संदिग्ध विक्रेताओं के नाम व आधार नंबर दर्ज करने के लिए।

        • पुलिस जांच के दौरान यह रजिस्टर न मिलने पर कारोबारी भी कार्रवाई की जद में आएंगे।

        Niraj Tiwari
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        Niraj Tiwari

        Independent journalist with 5 years of hands-on experience covering ground reports, interviews, and investigative stories. Committed to truthful reporting and ethical journalism.

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