9 साल की मेहनत और संघर्ष का फल: सुकमा की सुशीला नगर सेना में बनी प्रेरणा

सुकमा। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले की बेटी सुशीला ने 9 साल की कठिन मेहनत और संघर्ष के बाद नगर सेना में चयन पाकर न केवल अपने जीवन में सफलता हासिल की बल्कि अंचल की हजारों महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं।
सुशीला ने पेट्रोल पंप पर नौकरी करते हुए पढ़ाई जारी रखी और प्राइवेट कोचिंग के माध्यम से नगर सेना की परीक्षा की तैयारी की। वर्ष 2006 में दसवीं कक्षा में सप्लीमेंट्री आने के कारण उनका पढ़ाई का सफर बाधित हुआ था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। लगातार प्रयास और आत्मविश्वास के बलबूते उन्होंने डबल स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की।
सुशीला ने बताया कि 2016 से 2025 तक पेट्रोल पंप और प्राइवेट जॉब के दौरान रोज़मर्रा की चुनौतियों और रात की ड्यूटी के बावजूद उन्होंने मेहनत जारी रखी। उनके लिए यह सफर आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने अपनी 10 वर्षीय बेटी जानवी के भविष्य और खुद के सपनों को पूरा करने के लिए कभी हौसला नहीं खोया।
कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने सुशीला को उनकी इस उपलब्धि पर बधाई दी। सुशीला अब न केवल सुकमा की बेटी बल्कि पूरे अंचल की महिलाओं के लिए यह संदेश हैं कि कठिन परिस्थितियों में भी हौसला और मेहनत से कोई भी मंज़िल हासिल की जा सकती है।

Niraj Tiwari
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