विवादित भूमि पर 200 सागौन पेड़ों की कटाई, ग्राम पंचायत तर्री में वट वृक्ष भी काटे गए, ग्रामीणों का विरोध

सक्ती। एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी "एक पेड़ मां के नाम" अभियान चला रहे हैं, वहीं छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में पेड़ कटाई की घटनाओं ने सवाल खड़े कर दिए हैं।
खनिज कारोबार में सक्रिय एमआरएस मिनरल्स पर आरोप है कि उसने विवादित भूमि पर सैकड़ों सागौन पेड़ों की कटाई कराई। सूचना मिलते ही फॉरेस्ट एसडीओ और रेंजर समेत वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और करीब 200 सागौन पेड़ जब्त किए।
भूमि विवाद और जांच
यह पूरा मामला डूमरपारा और छीतापड़रिया जंगल से जुड़ा है। यहां लंबे समय से अवैध कटाई, सड़क निर्माण और खुदाई की शिकायतें आती रही हैं।
डीएफओ हिमांशु डोंगरे के अनुसार, यह भूमि एमआरएस मिनरल्स और वन विभाग के बीच विवादित है। मामले की जांच जारी है और पेड़ जब्त कर लिए गए हैं।
ग्राम पंचायत तर्री में वट वृक्ष की अवैध कटाई
इसी बीच ग्राम पंचायत तर्री के शीतला मंदिर के पास दो विशाल बरगद (वट वृक्ष) बिना अनुमति काट दिए गए। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सरपंच और शासकीय कर्मचारी ने मिलकर यह अवैध कार्य किया।
जब स्थानीय पंचों ने विरोध किया तो पेड़ से लदी गाड़ी को सरपंच पति लखन लाल सिन्हा वहां से भगा ले गए।
ग्रामीणों में आक्रोश
ग्रामीणों का कहना है कि वट वृक्ष भारतीय संस्कृति और आस्था का प्रतीक है। यह न केवल छाया और ऑक्सीजन देता है बल्कि पर्यावरण संतुलन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उपसरपंच विवेक शर्मा ने जब कटाई रोकने की बात कही तो उन्हें गाली-गलौज का सामना करना पड़ा।
कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए एसडीएम अभनपुर को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने सख्त कदम नहीं उठाए तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
ग्रामीणों ने स्थानीय थाने में लिखित शिकायत भी दर्ज कराई है।

Niraj Tiwari
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