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        राजिम कुंभ कल्प मेला का भव्य शुभारंभ, राज्यपाल रमेन डेका मुख्य अतिथि के रूप में हुए शामिल

        Niraj TiwariNiraj Tiwari
        Feb 1, 2026, 11:52 PM
        राजिम कुंभ कल्प मेला का भव्य शुभारंभ, राज्यपाल रमेन डेका मुख्य अतिथि के रूप में हुए शामिल
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        राजिम कुंभ कल्प मेला का भव्य शुभारंभ हो गया है, जिसमें राज्यपाल रमेन डेका मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। यह आयोजन श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए विशेष महत्व रखता है। इस पवित्र संगम पर आयोजित मेला आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है।

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        रायपुर (CGVARTA)। त्रिवेणी संगम राजिम के पावन तट पर स्थित नवीन मेला मैदान में राजिम कुंभ कल्प मेला 2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। इस ऐतिहासिक और आध्यात्मिक आयोजन में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत राज्यपाल, पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल सहित अतिथियों एवं संत-महात्माओं द्वारा भगवान राजीवलोचन की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना के साथ हुई।

        राज्यपाल रमेन डेका ने अपने संबोधन में कहा कि राजिम छत्तीसगढ़ की आस्था का प्रतीक है। महानदी, पैरी और सोंढूर नदियों के संगम से पवित्र यह भूमि धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं द्वारा ‘कल्प कुंभ’ के नाम से जाना जाने वाला यह मेला हमारी सनातन परंपरा और सांस्कृतिक धरोहर का जीवंत स्वरूप है।

        राज्यपाल ने कहा कि राजिम कुंभ कल्प के अवसर पर साधु-संतों और श्रद्धालुओं के बीच उपस्थित होकर उन्हें विशेष शांति और आत्मिक आनंद की अनुभूति होती है। उन्होंने कुलेश्वर महादेव, भगवान राजीवलोचन और राजिम भक्तिन माता से देश-प्रदेश में सुख, शांति और समृद्धि बनाए रखने की कामना की।

        राज्यपाल ने कहा कि राजिम माघी पुन्नी मेला छत्तीसगढ़ की आस्था का केंद्र है, जहां राज्य ही नहीं बल्कि देशभर से श्रद्धालु पहुंचते हैं। राजिम प्राचीन काल से ही शैव और वैष्णव परंपराओं का प्रमुख केंद्र रहा है। यहां भगवान विष्णु चतुर्भुज स्वरूप में तथा भगवान शिव कुलेश्वर महादेव के रूप में विराजमान हैं।

        उन्होंने राजिम की पंचकोशी यात्रा को विश्व प्रसिद्ध बताते हुए कहा कि कुलेश्वरनाथ, पटेश्वरनाथ, चंपेश्वरनाथ, ब्रह्मकेश्वरनाथ, फनीकेश्वरनाथ और करपूरेश्वरनाथ महादेव जैसे प्राचीन मंदिर राजिम को धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से विशिष्ट पहचान प्रदान करते हैं। राज्यपाल ने स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण और माइक्रो प्लास्टिक से बचाव पर भी जोर दिया।

        संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि राजिम कुंभ कल्प पर्व छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक परंपरा और लोक उत्सवों का जीवंत उदाहरण है, जिसने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है।

        संभाग आयुक्त महादेव कावरे ने कहा कि त्रिवेणी संगम केवल नदियों का संगम नहीं, बल्कि आस्था, विश्वास और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। संत राजीव लोचन महाराज ने कहा कि वर्ष 2006 से छत्तीसगढ़ के प्रयाग के रूप में पहचान बना चुका यह आयोजन आज पूरे देश को जोड़ रहा है।

        इस अवसर पर राज्य गृह भंडार निगम अध्यक्ष चंदूलाल साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, नगर पालिका राजिम अध्यक्ष महेश यादव, गोबरा नवापारा नगर पालिका अध्यक्ष ओमकुमारी साहू, गरियाबंद कलेक्टर भगवान सिंह उईके, जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर सहित बड़ी संख्या में साधु-संत, जनप्रतिनिधि और श्रद्धालु उपस्थित रहे।

        Niraj Tiwari
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        Niraj Tiwari

        Independent journalist with 5 years of hands-on experience covering ground reports, interviews, and investigative stories. Committed to truthful reporting and ethical journalism.

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