नक्सली सरेंडर पर राजनीति तेज: सोनू दादा के आत्मसमर्पण को कांग्रेस ने बताया ‘ड्रामा’, दीपक बैज ने सरकार को घेरा

गढ़चिरौली में 1 करोड़ के इनामी नक्सली सोनू दादा ने 60 साथियों संग आत्मसमर्पण किया, कांग्रेस बोली– पकड़े गए लोगों से भी करवा रहे हैं सरेंडर।
रायपुर। नक्सल संगठन के लिए मंगलवार का दिन बड़ा झटका लेकर आया। महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में नक्सलियों के शीर्ष नेता और पोलित ब्यूरो सदस्य सोनू दादा उर्फ मल्लोजुला वेणुगोपाल राव ने 60 साथियों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया। सूत्रों के मुताबिक, नक्सली अपने साथ करीब 50 हथियार लेकर पहुंचे थे। यह आत्मसमर्पण माओवादी संगठन के इतिहास की सबसे बड़ी घटनाओं में से एक मानी जा रही है।
हालांकि इस घटना के बाद अब छत्तीसगढ़ की राजनीति में सरगर्मी बढ़ गई है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि “ये वही लोग हैं जिन्हें एक महीने पहले पकड़ा गया था, अब उन्हीं को सरेंडर करा रहे हैं। पंचर बनाने वाले को भी आत्मसमर्पण कराने की तैयारी थी।”
दीपक बैज ने सरकार से सरेंडर करने वाले नक्सलियों की पूरी डिटेल सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने कहा कि “सरकार बताए कि मार्च 2026 तक नक्सलवाद खत्म करने की बात कितनी हकीकत है। अभी कैम्प के पास ब्लास्ट हो रहे हैं और भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या जारी है।”
विजय शर्मा पर पलटवार करते हुए बैज बोले— “नक्सलवाद खत्म होने का दावा सिर्फ मुगालता है। 6 महीने बाकी हैं, फिर नया बहाना न ढूंढे।”
शांतिवार्ता की पेशकश कर चुके थे सोनू दादा
बताया जा रहा है कि एक महीने पहले सोनू दादा ने छत्तीसगढ़ सरकार को पत्र लिखकर शांतिवार्ता की पेशकश की थी, जिसमें उन्होंने हथियार छोड़कर लोकतांत्रिक रास्ते से आगे बढ़ने की बात कही थी। हालांकि माओवादी संगठन ने इस पत्र को उनकी निजी राय बताते हुए खारिज कर दिया था।
भाकपा (माओवादी) के लिए बड़ा झटका
न्यूज़ एजेंसी ANI के मुताबिक—
“भाकपा (माओवादी) के पोलित ब्यूरो सदस्य मल्लोजुला वेणुगोपाल राव उर्फ सोनू ने महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में 60 माओवादी कार्यकर्ताओं के साथ हथियार डाल दिए। यह नक्सल संगठन के लिए बड़ा झटका है और अमित शाह व राज्य सरकारों के संयुक्त अभियान की सफलता है।”

Niraj Tiwari
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