रविशंकर शुक्ल विवि में फिर लापरवाही: BSc CS की परीक्षा में आया PG का एआई पेपर, छात्रों में हंगामा

पेपर के सवाल सिलेबस से बाहर; घबराए छात्र परीक्षा हॉल छोड़ने लगे, विवि ने एक घंटे तक रोककर रखा-अब पेपर दोबारा होने की संभावना।
By - Thaneshwar Sahu
रायपुर। पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में परीक्षा व्यवस्थाओं में लापरवाही का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले वर्ष रिकॉर्ड गड़बड़ियों के बाद इस साल भी वही कहानी दोहराई गई। शुक्रवार सुबह आयोजित BSc (CS) प्रथम सेमेस्टर की कंप्यूटर साइंस परीक्षा में छात्रों को गलत प्रश्नपत्र थमा दिया गया, जिससे परीक्षा केंद्रों में अफरा-तफरी मच गई।
सुबह 8 बजे परीक्षा शुरू होनी थी। छात्र 7:30 बजे ही केंद्र पर पहुंचकर अपनी सीटों पर बैठ गए थे। लेकिन पेपर मिलने पर उनके होश उड़ गए। प्रश्नपत्र के शीर्षक पर भले ही कंप्यूटर साइंस लिखा था, लेकिन अंदर पूछे गए सारे प्रश्न Artificial Intelligence (AI) विषय के थे—और वह भी BSc के नहीं, बल्कि PG स्तर (MSc) के।
गलत प्रश्नपत्र मिलते ही छात्रों का विरोध
एक भी प्रश्न सिलेबस से मेल नहीं खाने पर छात्रों ने तुरंत परीक्षा कक्ष में तैनात प्राध्यापकों से शिकायत की। केंद्राध्यक्ष और प्राचार्यों ने तत्काल ही विश्वविद्यालय प्रशासन से संपर्क किया। इस बीच छात्र विरोधस्वरूप परीक्षा हॉल छोड़कर जाने लगे।
विश्वविद्यालय की ओर से केंद्रों को निर्देश दिया गया कि शिकायत सत्यापन होने तक छात्रों को एक घंटे तक हॉल में रोके रखा जाए। शिकायत सही पाए जाने के बाद छात्रों को परीक्षा केंद्र छोड़ने की अनुमति दे दी गई।
सूत्रों के अनुसार करीब 2000 छात्र BSc CS प्रथम सेमेस्टर में पंजीकृत हैं, हालांकि विश्वविद्यालय ने आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया है।
BSc के नाम पर MSc का पेपर? विशेषज्ञों ने जताई नाराजगी
AI विषय BSc में भले ही एक वैकल्पिक विषय के रूप में मौजूद हो, लेकिन इसकी परीक्षा जनवरी में होने वाली थी। छात्रों को जिस प्रश्नपत्र में एआई के सवाल मिले, वह बिल्कुल PG स्तर का था।
शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार “रवि विवि द्वारा प्रश्नपत्र तैयार करने वाली विशेषज्ञ टीम की मॉनिटरिंग सही तरीके से नहीं हुई। यह एक गंभीर त्रुटि है।”
विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से परीक्षा नियंत्रक नरेंद्र वर्मा और अन्य अधिकारियों से संपर्क की कोशिश की गई, लेकिन किसी ने भी आधिकारिक टिप्पणी नहीं की।
महंत कॉलेज ने तुरंत दी सूचना
महंत कॉलेज प्राचार्य प्रो. देवाशीष मुखर्जी ने बताया “पेपर मिलते ही छात्र हंगामा करने लगे थे। हमने तुरंत विश्वविद्यालय को सूचना दे दी। पेपर दोबारा आयोजित होने की बात कही गई है।”

Niraj Tiwari
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