देशभर के स्कूल बोर्ड में बड़ा बदलाव: 10वीं-12वीं के सर्टिफिकेट होंगे एक समान, एनसीईआरटी की कमेटी कर रही तैयारी

सीबीएसई, माशिम और अन्य राज्य बोर्ड में एकरूपता लाने की प्रक्रिया शुरू, अब छात्रों को मिलेगा समान अवसर — एनसीईआरटी ने बनाई विशेषज्ञ समिति।
रायपुर। देशभर के शिक्षा बोर्ड में अब एकरूपता लाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिम), सीबीएसई और अन्य सभी राज्य शिक्षा बोर्डों में 10वीं और 12वीं के रिजल्ट फॉर्मेट और सर्टिफिकेट डिजाइन को एक समान करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
इस पहल की जिम्मेदारी एनसीईआरटी (राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद) को सौंपी गई है। परिषद ने इस काम के लिए एक एक्सपर्ट कमेटी गठित की है, जो देशभर के सभी शिक्षा बोर्डों के लिए एक कॉमन स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसेस (SOP) तैयार करेगी। इसका उद्देश्य सभी छात्रों को समान अवसर प्रदान करना है, ताकि किसी बोर्ड के विद्यार्थियों को अतिरिक्त लाभ या नुकसान न हो।
विशेषज्ञों के अनुसार, अब तक सीबीएसई का पैटर्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अधिक उपयोगी माना जाता रहा है, जिससे राज्य बोर्डों के छात्रों को नुकसान होता था। नई व्यवस्था लागू होने के बाद, सभी बोर्डों के विद्यार्थी एंट्रेंस एग्जाम में समान स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकेंगे।
रिपोर्ट्स के अनुसार, देश में वर्तमान में 66 मान्यता प्राप्त स्कूल एजुकेशन बोर्ड हैं, जिनमें 2 अंतरराष्ट्रीय बोर्ड भी शामिल हैं। 2024 में आई एक स्टडी रिपोर्ट ने इन बोर्डों के पाठ्यक्रम, मूल्यांकन और संचालन पद्धतियों में असमानताओं की ओर इशारा किया था।
इधर छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिम) ने भी इस दिशा में कदम बढ़ा दिया है। बोर्ड अब नए ब्लूप्रिंट के तहत प्रश्नपत्र निर्माण की तैयारी में जुटा है। माशिम सचिव पुष्पा साहू ने बताया कि सेटर्स और मॉडरेटर्स के लिए प्रशिक्षण कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि “कक्षा 9वीं से 12वीं तक के प्रश्नपत्र नए ब्लूप्रिंट और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप तैयार किए जाएंगे।”

Niraj Tiwari
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