उदंती रेंज में ‘पुष्पा-स्टाइल’ लकड़ी तस्करी: नदी के सहारे बह रही सागवान, वन विभाग अलर्ट

रायपुर संभाग। नदी का बहाव, लकड़ी के लट्ठे और ऊपर खड़े तस्कर — यह नज़ारा किसी फिल्मी क्लाइमैक्स का हिस्सा नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के उदंती रेंज (Udanti Range) की हकीकत बन चुका है। यहाँ ‘पुष्पा-स्टाइल’ लकड़ी तस्करी का नया तरीका सामने आया है, जो न केवल चौंकाने वाला है बल्कि वन सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी पर भी सवाल उठाता है।
नदी के सहारे लकड़ी की तस्करी
जानकारी के अनुसार, कीमती सागवान (Teak wood) को काटकर तस्कर उसे बड़े लट्ठों में बांधते हैं और नदी के बहाव में छोड़ देते हैं। खुद तस्कर उन लट्ठों पर खड़े होकर एक राज्य से दूसरे राज्य तक लकड़ी की तस्करी कर रहे हैं।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि —
“यह कोई एक-दो बार की बात नहीं है। महीनों से यही तरीका चल रहा है। रात में लकड़ी निकलती है और सुबह तक सब गायब हो जाता है।”
वन विभाग की प्रतिक्रिया
वन विभाग के कर्मचारियों का कहना है कि “पतासाजी की टीमों को लगाया गया है और कार्रवाई शीघ्र की जाएगी।”
हालांकि, स्थानीयों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा। वे कहते हैं कि प्रशासन कागजों और एनओसी में उलझा रहता है, लेकिन असली तस्करी पर प्रभावी कार्रवाई बहुत धीमी है।
संवेदनशील क्षेत्र में खतरा
उदंती-सीता नदी टाइगर रिजर्व (Udanti-Sitanadi Tiger Reserve) जैसे संवेदनशील संरक्षण क्षेत्रों में यह तस्करी केवल पेड़ों की चोरी नहीं है, बल्कि जैव विविधता, वन्यजीवों और इकोसिस्टम के लिए गंभीर खतरा है।
पर्यावरण कार्यकर्ताओं का कहना है कि अगर इस ‘फिल्मी’ तस्करी को नहीं रोका गया, तो आने वाले समय में जंगलों की सीमाएं सिर्फ़ नक्शे में रह जाएंगी।

Niraj Tiwari
Independent journalist with 5 years of hands-on experience covering ground reports, interviews, and investigative stories. Committed to truthful reporting and ethical journalism.
