छत्तीसगढ़ रजत जयंती: पीएम मोदी ने याद किए संविधान सभा के 6 नायक

रायपुर में छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस पर पीएम मोदी ने संविधान निर्माताओं को किया नमन, 14,300 करोड़ की सौगातें दीं
रायपुर। 1 नवंबर 2025 का दिन छत्तीसगढ़ के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया। राज्य के 25वें स्थापना दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रायपुर पहुंचे और प्रदेश को 14,300 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं की सौगात दी।
इस दौरान उन्होंने नए विधानसभा भवन का लोकार्पण किया और संविधान सभा के उन छह महानायकों को श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने स्वतंत्र भारत के लोकतांत्रिक ढांचे को आकार देने में अहम भूमिका निभाई थी।
संविधान सभा के छत्तीसगढ़ी नायक जिनका नाम पीएम मोदी ने लिया
1. पंडित रविशंकर शुक्ल (Pandit Ravishankar Shukla)
भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के अग्रणी नेता और मध्य प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री। उन्होंने असहयोग और सविनय अवज्ञा आंदोलन में भाग लिया और छत्तीसगढ़ की राजनीतिक चेतना को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई।
2. बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल (Thakur Chedilal)
इंग्लैंड के ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई करने वाले ठाकुर छेदीलाल स्वतंत्रता सेनानी और समाजसेवी थे। वे भारत छोड़ो आंदोलन में सक्रिय रहे और आजादी के बाद विधायक बने।
3. घनश्याम गुप्ता (Ghanshyam Gupta)
दुर्ग के निवासी घनश्याम गुप्ता प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी और वकील थे। उन्होंने सविनय अवज्ञा आंदोलन में हिस्सा लिया और संविधान सभा में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व किया।
4. किशोरी मोहन त्रिपाठी (Kishori Mohan Tripathi)
पत्रकार, स्वतंत्रता सेनानी और जनसेवक — किशोरी मोहन त्रिपाठी ने ‘विकास’ नामक मासिक पत्रिका के संपादक के रूप में जनजागरण किया और विधायक भी रहे।
5. राम प्रसाद पोटाई (Ramprasad Potai)
कांकेर जिले के आदिवासी नेता, जिन्होंने बस्तर और दक्षिण छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय चेतना फैलाने का काम किया। उन्होंने आदिवासियों को आजादी की लड़ाई से जोड़ा।
6. दीवान बहादुर राजा रघुराज सिंह (Raja Raghuraj Singh)
सरगुजा रियासत का प्रतिनिधित्व करने वाले रघुराज सिंह प्रतिष्ठित प्रशासक और समाजसेवी थे। उन्होंने रियासतों के एकीकरण और लोकतांत्रिक भारत के निर्माण में योगदान दिया।
नक्सलवाद पर पीएम मोदी का संदेश
पीएम मोदी ने कहा, “देश माओवाद की कमर तोड़ रहा है। विकास की यात्रा अविराम रूप से जारी रहेगी।” उन्होंने रामचरितमानस के अरण्य कांड की चौपाई पढ़कर यह संदेश दिया कि छत्तीसगढ़ में विकास और शांति का मार्ग हमेशा प्रबल रहेगा।

Niraj Tiwari
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