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        वन आजीविका को नई दिशा: सीएम विष्णुदेव साय ने तेंदूपत्ता भुगतान, बांस और औषधीय पौधों पर दी बड़ी सौगात

        Niraj TiwariNiraj Tiwari
        Oct 13, 2025, 6:13 PM
        वन आजीविका को नई दिशा: सीएम विष्णुदेव साय ने तेंदूपत्ता भुगतान, बांस और औषधीय पौधों पर दी बड़ी सौगात
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        रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोमवार को वन मंडलाधिकारियों (Divisional Forest Officers) की बैठक लेकर वन आधारित आजीविका को सशक्त बनाने पर जोर दिया। बैठक में तेंदूपत्ता संग्राहकों, बांस शिल्पकारों और औषधीय पौधों की खेती से जुड़ी योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।

        सीएम साय ने कहा कि तेंदूपत्ता संग्राहकों का भुगतान 7 से 15 दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाए और इसकी जानकारी संग्राहकों को SMS के माध्यम से भेजी जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी भुगतान बैंक खातों के माध्यम से ऑनलाइन किए जाएं।
        राज्य में करीब 15 लाख 60 हजार संग्राहकों को ऑनलाइन जोड़ा गया है, जिससे पारदर्शिता और समय पर भुगतान सुनिश्चित हो सके।

        औषधीय पौधों की खेती को मिलेगा बढ़ावा

        मुख्यमंत्री ने कहा कि धमतरी, मुंगेली और जीपीएम जिलों में औषधीय पौधों की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे पारंपरिक उपचार प्रणाली को मजबूती मिलेगी और ग्रामीणों को अतिरिक्त आय का साधन मिलेगा।
        औषधीय पादप बोर्ड के सीईओ ने बताया कि राज्य में औषधीय पौधों से जुड़े उत्पादों की व्यापक संभावनाएं हैं और ग्रामीण स्तर पर प्रशिक्षण व प्रचार-प्रसार गतिविधियों को बढ़ाया जाएगा।

        बांस शिल्पकारों के लिए नया मार्केट नेटवर्क

        सीएम साय ने बांस वन आधारित आजीविका को मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य में 3.71 लाख हेक्टेयर बांस उत्पादक क्षेत्र है। उच्च मूल्य वाली बांस प्रजातियों को बढ़ावा दिया जाएगा।
        राज्य के 28 बांस प्रसंस्करण केंद्रों को सक्रिय कर बांस शिल्पकारों को बाजार से जोड़ा जाएगा। विशेष पिछड़ी जनजातियों के परिवारों को बाजार की मांग के अनुसार प्रशिक्षण देने पर जोर दिया गया।

        छत्तीसगढ़ हर्बल और संजीवनी को प्रमोट करें

        मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि छत्तीसगढ़ हर्बल और संजीवनी उत्पादों को ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में प्रमोट किया जाए।
        उन्होंने कहा कि वन धन केंद्रों और लघु वनोपज आधारित स्टार्टअप्स को सशक्त किया जाए ताकि स्थानीय लोगों को स्थायी रोजगार मिल सके।

        इकोटूरिज्म से आजीविका का विस्तार

        सीएम साय ने कहा कि “इकोटूरिज्म में रोजगार के बड़े अवसर छिपे हैं।” राज्य में 240 प्राकृतिक पर्यटन केंद्र हैं, जहां से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों परिवारों को रोजगार मिल रहा है।
        उन्होंने बताया कि “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत दो वर्षों में 6 करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए हैं और माइक्रो अर्बन फॉरेस्टिंग की पहल की गई है।

        Niraj Tiwari
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        Niraj Tiwari

        Independent journalist with 5 years of hands-on experience covering ground reports, interviews, and investigative stories. Committed to truthful reporting and ethical journalism.

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