छत्तीसगढ़ कस्टम मिलिंग घोटाला: EOW ने 1500 पन्नों का चालान पेश, अनिल टुटेजा-अनवर ढेबर पर कार्रवाई

रायपुर। छत्तीसगढ़ में कस्टम मिलिंग घोटाले के मामले में EOW ने आरोपी अनिल टुटेजा और अनवर ढेबर के खिलाफ 1500 पन्नों का चालान पेश किया। चालान में बताया गया है कि कैसे दोनों ने षडयंत्रपूर्वक राईस मिलरों से अवैध वसूली की।
अदालत में पेश आरोप
EOW के अनुसार, दोनों आरोपियों के खिलाफ भा.द.वि. की धारा 120बी, 384, 409 तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 11, 13(1)(क), 13(2) के अंतर्गत विशेष न्यायालय में चालान पेश किया गया। दोनों आरोपी केन्द्रीय जेल रायपुर में निरूद्ध हैं।
अवैध वसूली और लाभ
अनिल टुटेजा ने राईस मिलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ मिलकर स्कैम में राईस मिलरों से अवैध वसूली की, जिससे कम से कम 20 करोड़ रुपए का लाभ हुआ। वसूली के लिए मार्कफेड के जिला विपणन अधिकारियों पर दबाव बनाया गया और राईस मिलरों का बिल लंबित रखा गया।
डिजिटल साक्ष्य और राजनीतिक प्रभाव
अनवर ढेबर वर्ष 2022-23 में राजनीतिक रूप से प्रभावशाली व्यक्ति थे। आयकर विभाग के छापे में डिजिटल साक्ष्य मिले, जिससे साबित हुआ कि उन्होंने न केवल शराब घोटाले बल्कि PWD और वन विभाग पर भी प्रत्यक्ष प्रभाव डाला। कस्टम मिलिंग स्कैम में अनवर ढेबर ने अनिल टुटेजा के लिए वसूली का संग्रह, व्यय और निवेश किया।
जांच जारी
प्रकरण में रामगोपाल अग्रवाल और अन्य आरोपियों के खिलाफ विवेचना जारी है।

Niraj Tiwari
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