रायपुर साहित्य उत्सव–2026: तीन दिन, 120 साहित्यकार, 42 सत्र—नवा रायपुर बनेगा राष्ट्रीय साहित्य मंच

नवा रायपुर में 2026 का साहित्य उत्सव तीन दिवसीय भव्य आयोजन होगा, जिसमें 120 साहित्यकार और 42 सत्र शामिल हैं। यह उत्सव नवा रायपुर को एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय साहित्य मंच के रूप में स्थापित करेगा, जहाँ देश भर की साहित्यिक प्रतिभाएं एक साथ आएंगी।
रायपुर (CGVARTA)। छत्तीसगढ़ की साहित्यिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक परंपरा को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के उद्देश्य से रायपुर साहित्य उत्सव–2026 का आयोजन 23 से 25 जनवरी तक नवा रायपुर अटल नगर स्थित पुरखौती मुक्तांगन में किया जाएगा। तीन दिवसीय इस महोत्सव में देश-प्रदेश के साहित्यप्रेमी, लेखक, विचारक और पाठक बड़ी संख्या में शामिल होंगे।
120 साहित्यकार, 42 सत्र
उत्सव में लगभग 120 ख्यातिप्राप्त साहित्यकार भाग लेंगे। कुल 42 साहित्यिक सत्रों में समकालीन सामाजिक-सांस्कृतिक प्रश्नों, भारतीय ज्ञान परंपरा, संविधान, सिनेमा और समाज, नवजागरण, छत्तीसगढ़ी साहित्य, इतिहास, भाषा-शिक्षा, जनजातीय लेखन, महिला लेखन, पत्रकारिता, शासन, डिजिटल युग में लेखन और पाठक जैसे विषयों पर गहन विमर्श होगा।
उद्घाटन-समापन और विशेष आकर्षण
उत्सव का उद्घाटन 23 जनवरी को राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश करेंगे। उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और वर्धा अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय की कुलपति कुमुद शर्मा की उपस्थिति रहेगी।
समापन 25 जनवरी को होगा, जिसमें सच्चिदानंद जोशी और चंद्रप्रकाश द्विवेदी सहित कई प्रतिष्ठित साहित्यिक-सांस्कृतिक हस्तियां शामिल होंगी।
23 जनवरी की शाम मनोज जोशी द्वारा चर्चित नाटक ‘चाणक्य’ का मंचन उत्सव का प्रमुख आकर्षण रहेगा। महाभारत धारावाहिक में कृष्ण की भूमिका निभाने वाले नीतीश भारद्वाज और निर्माता-निर्देशक अनुराग बसु भी उत्सव में सहभागिता करेंगे।
24 जनवरी को अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में विशेष काव्य-पाठ आयोजित किया जाएगा।
चार मंडप, साहित्यिक विरासत को सम्मान सत्रों के लिए चार मंडप बनाए गए हैं—
- मुख्य मंडप: विनोद कुमार शुक्ल
- द्वितीय: श्यामलाल चतुर्वेदी
- तृतीय: लाला जगदलपुरी
- चतुर्थ: अनिरुद्ध नीरव
पुस्तक मेला, विमोचन और टैलेंट ज़ोन
आयोजन स्थल पर विशाल पुस्तक मेला लगेगा, जिसमें प्रभात प्रकाशन, राजकमल प्रकाशन, सरस्वती बुक, यशस्वी प्रकाशन, हिन्द युग्म, राजपाल प्रकाशन सहित लगभग 15 राष्ट्रीय प्रकाशक भाग लेंगे। छत्तीसगढ़ के साहित्यकारों और स्कूली विद्यार्थियों की पुस्तकों का प्रदर्शन, नई पुस्तकों के विमोचन और संवाद सत्र भी होंगे। स्थानीय युवाओं और लोक कलाकारों के लिए टैलेंट ज़ोन में काव्य-पाठ, कहानी-पाठ, लोकनृत्य-गीत और दैनिक क्विज प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी।
व्यवस्थाएं और सुविधाएं
पुरखौती मुक्तांगन तक आवागमन के लिए पुराने रायपुर से छह मार्गों पर लगभग 20 निःशुल्क बसें चलेंगी (रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, टाटीबंध, तेलीबांधा सहित)। आयोजन की व्यवस्थाओं में करीब 500 अधिकारी-कर्मचारी जुटे हैं। स्थल पर छत्तीसगढ़ी व्यंजनों सहित 15 फूड स्टॉल, पेयजल, स्वच्छता और शौचालय की समुचित व्यवस्था रहेगी। साथ ही छत्तीसगढ़ के 25 वर्षों के विकास पर आधारित विशेष प्रदर्शनी भी लगेगी। रायपुर साहित्य उत्सव–2026 साहित्य, संवाद और संस्कृति के माध्यम से समाज को जोड़ने वाला राष्ट्रीय मंच बनेगा, जो नई पीढ़ी में अध्ययन, अभिव्यक्ति और सृजनशीलता को प्रोत्साहित करेगा।

Niraj Tiwari
Independent journalist with 5 years of hands-on experience covering ground reports, interviews, and investigative stories. Committed to truthful reporting and ethical journalism.
