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        देश की पहली महिला राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का प्रस्तावित बस्तर दौरा, आदिवासी अंचल के लिए ऐतिहासिक क्षण

        Niraj TiwariNiraj Tiwari
        Jan 27, 2026, 8:57 PM
        देश की पहली महिला राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का प्रस्तावित बस्तर दौरा, आदिवासी अंचल के लिए ऐतिहासिक क्षण
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        देश की पहली महिला राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का प्रस्तावित बस्तर दौरा आदिवासी अंचल के लिए एक ऐतिहासिक क्षण बनने जा रहा है। यह दौरा क्षेत्र के विकास और जनजातीय संस्कृति को नई पहचान देगा।

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        नई दिल्ली/रायपुर (CGVARTA)। भारत की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल (जगदलपुर) में प्रस्तावित दौरा देश-भर में विशेष महत्व के रूप में देखा जा रहा है। राष्ट्रपति 7 फरवरी 2026 को जगदलपुर में आयोजित ‘बस्तर पंडुम 2026’ के संभागीय कार्यक्रम में शामिल होंगी। यह दौरा आदिवासी बहुल क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक और प्रतीकात्मक माना जा रहा है।

        राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु स्वयं एक आदिवासी पृष्ठभूमि से आती हैं। ऐसे में उनका बस्तर आगमन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आदिवासी संस्कृति, अस्मिता और सहभागिता को राष्ट्रीय पहचान दिलाने वाला क्षण माना जा रहा है। बस्तर जैसे दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्र में देश की सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन पहली महिला राष्ट्रपति की उपस्थिति को सामाजिक-सांस्कृतिक सम्मान के रूप में देखा जा रहा है।

        आदिवासी संस्कृति को राष्ट्रीय मंच

        ‘बस्तर पंडुम’ छत्तीसगढ़ का प्रमुख जनजातीय सांस्कृतिक महोत्सव है, जिसमें पारंपरिक नृत्य, लोकगीत, वेशभूषा, शिल्प और रीति-रिवाजों का प्रदर्शन किया जाता है। राष्ट्रपति की उपस्थिति से यह महोत्सव राष्ट्रीय विमर्श का हिस्सा बनेगा और बस्तर की सांस्कृतिक विरासत को देश-विदेश में पहचान मिलेगी।

        प्रशासनिक तैयारियां तेज

        राष्ट्रपति के प्रस्तावित दौरे को देखते हुए राज्य और केंद्र स्तर पर सुरक्षा, चिकित्सा, यातायात और लॉजिस्टिक व्यवस्थाओं को लेकर तैयारियाँ तेज कर दी गई हैं। वरिष्ठ प्रशासनिक और सुरक्षा अधिकारियों को समन्वय के निर्देश दिए गए हैं।

        प्रतीकात्मक संदेश

        विशेषज्ञों का मानना है कि पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति का बस्तर दौरा यह संदेश देता है कि भारत का लोकतंत्र अंतिम पंक्ति में खड़े नागरिक तक पहुँचना चाहता है। यह दौरा आदिवासी समाज के लिए गौरव, विश्वास और सहभागिता का प्रतीक बन सकता है।

        Niraj Tiwari
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        Niraj Tiwari

        Independent journalist with 5 years of hands-on experience covering ground reports, interviews, and investigative stories. Committed to truthful reporting and ethical journalism.

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