जादुई कलश से करोड़ों ठगने वाला गैंग गिरफ्तार: अंबिकापुर से अंधविश्वास और ठगी का चौंकाने वाला खुलासा

अंबिकापुर में ठगी गिरोह का पर्दाफाश, फर्जी दस्तावेजों से महिला से की लाखों की ठगी, जादुई कलश के नाम पर करोड़ों का खेल
अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में पुलिस ने एक बड़े ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। गांधीनगर थाना पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिसमें एक महिला भी शामिल है।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए एक महिला से 13 लाख रुपये की ठगी की थी। बाद में उन्होंने मनमाने तरीके से 5 लाख रुपये ब्याज जोड़ दिया और महिला पर 18 लाख रुपये वसूलने का दबाव बनाया।
गांधीनगर थाना प्रभारी ने बताया कि यह पूरा मामला एक संगठित ठगी नेटवर्क का हिस्सा है। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र का मामला दर्ज किया है और जांच जारी है।
जादुई कलश से करोड़ों की ठगी का खुलासा
कुछ सप्ताह पहले जशपुर पुलिस ने एक और ठगी मामले का पर्दाफाश किया था, जिसमें आरोपियों ने ‘जादुई कलश’ के नाम पर करोड़ों रुपये वसूले। आरोपियों ने आर.पी. ग्रुप नाम की फर्जी कंपनी बनाकर लोगों से प्रोसेसिंग फीस और सदस्यता के नाम पर पैसे लिए और विदेशों में कलश बेचने पर करोड़ों रुपये मिलने का झांसा दिया।
1.94 करोड़ रुपये बरामद, दो आरोपी फरार
पुलिस ने चार ठगों को गिरफ्तार किया है और 1 करोड़ 94 लाख रुपये जब्त किए हैं। जबकि दो आरोपी अब भी फरार हैं। आरोपियों ने जशपुर, सरगुजा, कोरबा, रायगढ़ और बिलासपुर जिलों में सैकड़ों लोगों को झांसे में लेकर मोटी रकम वसूली थी।
गिरफ्तार आरोपी हैं –
राजेंद्र कुमार दिव्य, तुरेंद्र कुमार दिव्य, प्रकाश चंद्र धृतलहरे और उपेंद्र कुमार सारथी।
पुलिस का कहना है कि, ठगी की रकम और बढ़ने की संभावना है।
पुलिस जांच में चौंकाने वाले खुलासे
आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्हें “जादुई कलश” की कहानी उनके एक साथी महेंद्र बहादुर सिंह ठाकुर ने बताई थी। कहा गया कि यह कलश चावल को खींच लेता है और अरबों में बिक सकता है। इसी झूठे दावे से उन्होंने लोगों को फंसाया और एक फर्जी कंपनी बनाकर ठगी को अंजाम दिया।

Niraj Tiwari
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