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        एम्स में कुष्ठ रोग और माइसेटोमा के निदान-उपचार पर विशेषज्ञ मंथन

        Niraj TiwariNiraj Tiwari
        Oct 16, 2026, 7:34 PM
        एम्स में कुष्ठ रोग और माइसेटोमा के निदान-उपचार पर विशेषज्ञ मंथन
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        अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), रायपुर के त्वचा रोग विभाग द्वारा कुष्ठ रोग और माइसेटोमा के निदान एवं प्रबंधन पर केंद्रित एक दिवसीय सतत चिकित्सा शिक्षा (CME) कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

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        रायपुर (CGVARTA)। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), रायपुर के त्वचा रोग विभाग द्वारा कुष्ठ रोग और माइसेटोमा के निदान एवं प्रबंधन पर केंद्रित एक दिवसीय सतत चिकित्सा शिक्षा (CME) कार्यक्रम का आयोजन किया गया। भारतीय त्वचा रोग, रतिज रोग एवं कुष्ठ रोग विशेषज्ञ संघ (आईएडीवीएल) अकादमी की छत्तीसगढ़ राज्य शाखा और एम्स रायपुर के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य उपेक्षित उष्णकटिबंधीय रोगों के प्रभावी प्रबंधन और नैदानिक कौशल को सुदृढ़ करना था।

        कार्यक्रम का शुभारंभ एम्स रायपुर के कार्यपालक निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल (सेवानिवृत्त) ने किया। इस अवसर पर अधिष्ठाता (शैक्षणिक) डॉ. एली महापात्रा, जेएसएस मेडिकल कॉलेज (मैसूर) की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रेणुगा पी.एस.एस., आईएडीवीएल छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष डॉ. पीयूष अग्रवाल और एम्स रायपुर के त्वचा रोग विभागाध्यक्ष एवं आयोजन अध्यक्ष डॉ. सत्यकी गांगुली विशेष रूप से उपस्थित रहे।

        कार्यशाला के प्रमुख बिंदु:

        • विशेषज्ञ चर्चा और सत्र: वैज्ञानिक सत्रों के दौरान कुष्ठ रोग में तंत्रिका संवहन परीक्षण, दिव्यांगता प्रबंधन के लिए स्प्लिंट का चयन, नमूना संग्रह और माइसेटोमा के निदान में हिस्टोपैथोलॉजी (ऊतक विकृति विज्ञान) की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई।
        • राष्ट्रीय कार्यक्रम और इतिहास: छत्तीसगढ़ में कुष्ठ रोग उपचार के इतिहास, राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम तथा रोग नियंत्रण में निजी चिकित्सकों की सक्रिय भूमिका पर भी गहन विचार-विमर्श हुआ।
        • विशेषज्ञ वक्ताओं की सहभागिता: कार्यक्रम में डॉ. नील प्रभा, डॉ. सरवाना सुक्रिया एस., डॉ. जयदीप नंदी, डॉ. अर्चना केचे, डॉ. राकेश कुमार गुप्ता, डॉ. डेविड हेनरी और डॉ. संदीप एस. जोगदंड ने विशेषज्ञ वक्ता के रूप में अपने अनुभव साझा किए। इसके अलावा डॉ. भव्य स्वर्णकार ने स्नातकोत्तर विद्यार्थियों के लिए विशेष प्रश्नोत्तरी का संचालन किया।
        • बड़ी संख्या में पहुंचे चिकित्सक: छत्तीसगढ़ के विभिन्न अंचलों से आए 80 से अधिक चिकित्सकों ने इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया, जिससे उन्हें आधुनिक नैदानिक प्रक्रियाओं और बहुविषयक उपचार दृष्टिकोण को समझने का अवसर मिला।

        कार्यक्रम का सफल संचालन आयोजन अध्यक्ष डॉ. सत्यकी गांगुली और आयोजन सचिव डॉ. नील प्रभा के नेतृत्व में किया गया, जिसमें आईएडीवीएल छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष डॉ. पीयूष अग्रवाल और सचिव डॉ. राकेश पटेल का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा। अंत में विशेषज्ञों ने उपेक्षित रोगों के खातले के लिए निरंतर चिकित्सा शिक्षा और आपसी समन्वय पर जोर दिया।

        Niraj Tiwari
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        Niraj Tiwari

        Independent journalist with 5 years of hands-on experience covering ground reports, interviews, and investigative stories. Committed to truthful reporting and ethical journalism.

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