स्कूल शिक्षा घोटाला: 94 प्रधान पाठकों की पोस्टिंग निरस्त, लिपिक निलंबित, डीईओ पर कार्रवाई का प्रस्ताव

कांकेर। सहायक शिक्षक से प्राथमिक शाला के प्रधान पाठक पद पर पदोन्नति प्राप्त 94 शिक्षकों की पोस्टिंग आदेशों में अनियमितता उजागर होने के बाद यह आदेश निरस्त कर दिए गए हैं। मामले की जांच के बाद जिम्मेदार लिपिक प्रकाश तिवारी को निलंबित कर दिया गया है और जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) अशोक पटेल के खिलाफ कार्रवाई हेतु शासन को प्रतिवेदन भेजा गया है।
सूत्रों के अनुसार, पदोन्नति के पश्चात काउंसलिंग के माध्यम से पदस्थापना दी गई थी, लेकिन इसके बाद शिक्षकों को बिना कलेक्टर अनुमोदन के सिंगल-सिंगल आदेश निकालकर पोस्टिंग बदल दी गई। चर्चा है कि इस प्रक्रिया में मोटी रकम वसूली भी की गई।
कैसे हुआ खुलासा:
23 जुलाई 2025 को संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग बस्तर, जगदलपुर ने कांकेर में निरीक्षण किया। निरीक्षण में प्रधान पाठक पदस्थापना से जुड़े दस्तावेजों की जांच के दौरान अनियमितताएं सामने आईं। विस्तृत जांच में यह पाया गया कि 265 रिक्त पदों के अलावा 55 अतिरिक्त पद नियमों के विरुद्ध जारी किए गए।
शासन के आदेशों की अनदेखी:
छत्तीसगढ़ शासन, स्कूल शिक्षा विभाग ने 29 मार्च 2023 को स्पष्ट किया था कि केवल 265 रिक्त पदों पर प्रधान पाठक की पदस्थापना की जा सकती है। लेकिन बिना अनुमति अतिरिक्त आदेश जारी किए गए।
अब जिम्मेदारों पर कार्रवाई:
पोस्टिंग में अनियमितता करने वाले लिपिक प्रकाश तिवारी को निलंबित किया गया है। वहीं डीईओ अशोक पटेल के खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रतिवेदन शासन को भेजा गया है। अन्य शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, चारामा क्षेत्र के कुछ शिक्षक इस मामले में थाने में भी शिकायत दर्ज कराने की योजना बना सकते हैं, क्योंकि पदस्थापना बदलवाने के लिए लेन-देन किया गया था और आदेश के बावजूद पोस्टिंग निरस्त हुई।

Niraj Tiwari
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