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        गरियाबंद में बड़ी सफलता: उदंती एरिया कमेटी के 7 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, दो पर ₹8 लाख का इनाम

        Niraj TiwariNiraj Tiwari
        Nov 7, 2025, 5:34 PM
        गरियाबंद में बड़ी सफलता: उदंती एरिया कमेटी के 7 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, दो पर ₹8 लाख का इनाम
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        शासन की पुनर्वास नीति और पुलिस की लगातार अपील का असर — कमांडर सुनील और सचिव एरिना समेत 7 नक्सलियों ने हथियार डाल समाज की मुख्यधारा में लौटे।


        By - Thaneshwar Sahu
        गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से इस वक्त बड़ी खबर सामने आई है।
        उदंती एरिया कमेटी से जुड़े 7 सक्रिय नक्सलियों ने शुक्रवार को आत्मसमर्पण कर दिया है।
        ये सभी शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति और गरियाबंद पुलिस की लगातार अपील से प्रभावित होकर हिंसा का रास्ता छोड़ मुख्यधारा में लौटे हैं।


        https://cgvarta.com/manoranjan/sulakshana-pandit-death-tribute-raigarh-born-legend

        कौन हैं आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली?

        सूत्रों के अनुसार, समर्पण करने वालों में शामिल हैं —

        • सुनील (एरिया कमांडर) — ₹8 लाख का इनामी

        • एरिना (सचिव) — ₹8 लाख का इनामी

        • लुद्रों (कमेटी मेंबर) — ₹5 लाख का इनामी

        • विद्या (कमेटी मेंबर) — ₹5 लाख का इनामी

        • नंदिनी (कमेटी मेंबर) — ₹5 लाख का इनामी

        • मलेश (कमेटी मेंबर) — ₹5 लाख का इनामी

        • कांती — ₹1 लाख का इनामी

        इन सभी नक्सलियों ने पुलिस के समक्ष हथियार डाल दिए हैं।
        आत्मसमर्पण के दौरान इनके पास से 1 SLR, 3 INSAS राइफल और एक सिंगल शॉट बंदूक बरामद की गई है।


        मुख्यधारा में लौटने का लिया संकल्प

        आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों ने कहा कि वे अब हिंसा का रास्ता छोड़ समाज के विकास में योगदान देना चाहते हैं।
        उन्होंने बताया कि जंगलों में लगातार मुठभेड़ों और संघर्ष से वे थक चुके थे,
        और शासन की पुनर्वास नीति ने उन्हें नई उम्मीद दी है।

        गरियाबंद पुलिस का कहना है:
        “यह आत्मसमर्पण पुलिस की लगातार की गई अपील और विश्वास निर्माण अभियान का परिणाम है।
        अब इन सभी को शासन की पुनर्वास योजना का लाभ दिया जाएगा।”


        पुलिस और प्रशासन की बड़ी उपलब्धि

        गरियाबंद जिला पुलिस के लिए यह एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।
        उदंती क्षेत्र लंबे समय से नक्सली गतिविधियों का गढ़ रहा है,
        जहां कई बार पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ भी हो चुकी है।

        इस आत्मसमर्पण से पुलिस और प्रशासन के आत्मविश्वास में बढ़ोतरी हुई है।
        सुरक्षा बलों का कहना है कि आने वाले समय में और भी नक्सली मुख्यधारा में शामिल हो सकते हैं।


        शासन की पुनर्वास नीति का असर

        छत्तीसगढ़ सरकार की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति के तहत
        जो नक्सली हथियार छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल होते हैं,
        उन्हें आर्थिक सहायता, पुनर्वास राशि और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाते हैं।

        इन 7 नक्सलियों को भी सरकार की इस नीति के तहत सुरक्षा और पुनर्वास का लाभ मिलेगा।

        Niraj Tiwari
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        Niraj Tiwari

        Independent journalist with 5 years of hands-on experience covering ground reports, interviews, and investigative stories. Committed to truthful reporting and ethical journalism.

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