छत्तीसगढ़ में हाथियों का तांडव: रातों की नींद उड़ी, गांवों में मचा हाहाकार

सूरजपुर और गरियाबंद जिले के कई गांवों में हाथियों का आतंक जारी है। फसलें बर्बाद, मकान ढहे, ग्रामीण मचान पर शरण लेने को मजबूर।
अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर और गरियाबंद जिलों में इन दिनों जंगली हाथियों का आतंक बना हुआ है। बीते एक सप्ताह से 25 हाथियों का विशाल दल लगातार गांवों में उत्पात मचा रहा है। कहीं खेतों की फसलें रौंदी जा रही हैं तो कहीं कच्चे मकान ध्वस्त हो रहे हैं। ग्रामीण रातें मचान और छतों पर गुजारने को मजबूर हैं।
जानकारी के अनुसार, लखनपुर-उदयपुर वन परिक्षेत्र में 13 हाथियों ने लगभग 20 एकड़ से अधिक फसलों को बर्बाद कर दिया है। वहीं, सूरजपुर क्षेत्र में आए 12 हाथियों के झुंड ने डांड गांव में कई घरों को नुकसान पहुंचाया। आधी रात को गांव में हाथियों के घुसने से दहशत का माहौल है और कई परिवार अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंच गए हैं।
वन विभाग पूरी तरह अलर्ट है। हाथियों की गतिविधियों पर ड्रोन और वाहन गश्त के माध्यम से निगरानी रखी जा रही है। विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे रात्रि में खेतों की रखवाली न करें और सतर्क रहें।
उधर, गरियाबंद जिले के मैनपुर क्षेत्र में भी हाथियों ने भारी तबाही मचाई है। करीब 200 एकड़ से अधिक की फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। स्थानीय लोग अब अपने घरों की छतों पर पॉलीथिन से ढके मचान बनाकर रात गुजार रहे हैं।
वन विभाग के एसडीओ मनोज चंद्राकर ने बताया कि प्रभावित गांवों में लगातार निगरानी रखी जा रही है और फसल मुआवजे की प्रक्रिया भी चल रही है।

Niraj Tiwari
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