166 किसानों से डेयरी लोन के नाम पर ठगी: बैंक कर्मचारी समेत 2 गिरफ्तार, TI पर भी रिश्वत के आरोप

दुर्ग में किसानों के साथ 46 लाख की धोखाधड़ी — डेयरी लोन के बहाने पर्सनल लोन थमाया गया, FIR दर्ज करने के लिए 52 हजार की मांग का आरोप।
by - Thaneshwar Sahu
दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां 166 किसानों को डेयरी लोन और सब्सिडी दिलाने के नाम पर करीब 46 लाख रुपये की ठगी का शिकार बनाया गया। पुलिस ने इस मामले में HDFC बैंक के कर्मचारी विकास सोनी और मधु पटेल को गिरफ्तार किया है।
ग्रामीणों ने शिकायत में बताया कि आरोपियों ने उन्हें प्रधानमंत्री पशु लोन योजना के तहत 10 लाख रुपये तक का लोन और 40 प्रतिशत सब्सिडी दिलाने का झांसा दिया था। किसानों को विश्वास दिलाया गया कि छह महीने तक सिर्फ किस्त भरनी होगी, इसके बाद 90% तक सब्सिडी मिलेगी।
लेकिन हकीकत में आरोपियों ने किसानों को डेयरी लोन की जगह पर्सनल लोन दिलवाया और रकम उनके खातों में आने के बाद कमीशन और सिक्योरिटी के नाम पर चेक लेकर पैसे ट्रांसफर करा लिए।
रिकवरी नोटिस से खुला राज
जब बैंक से रिकवरी नोटिस आने लगे, तब किसानों को ठगी का एहसास हुआ। जांच में पता चला कि आरोपी विकास सोनी ने अपने बैंक कर्मचारी होने का फायदा उठाते हुए 26 खातों से रकम निकालकर खुद और अपने रिश्तेदारों के खातों में ट्रांसफर की। अब तक करीब 45.92 लाख रुपये की धोखाधड़ी की पुष्टि हुई है।
TI पर रिश्वत मांगने का आरोप
इस पूरे मामले में नया मोड़ तब आया जब किसानों ने आरोप लगाया कि धमधा थाना प्रभारी युवराज साहू ने FIR दर्ज करने के लिए 52 हजार रुपये की मांग की। किसानों का कहना है कि उन्होंने पैसे भी दिए, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
जांच के आदेश
किसानों की शिकायत पर आईजी दुर्ग रामगोपाल गर्ग ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं। अब यह केस पुलगांव थाने में जीरो FIR के रूप में दर्ज किया गया है और दोनों बैंककर्मियों को गिरफ्तार किया गया है। एएसपी अभिषेक झा ने बताया कि मामले की जांच के लिए एक विशेष समिति (कमेटी) बनाई जा रही है।

Niraj Tiwari
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