दुर्ग में 400 केवी टावर परियोजना पर किसानों का विरोध तेज, 1500 से अधिक अन्नदाता अधूरे मुआवज़े से नाराज़

दुर्ग। जिले में 400 केवी विद्युत ट्रांसमिशन टावर परियोजना को लेकर किसानों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। मेड़ेसरा पावर ग्रिड से धमतरी जिले के कुरूद तक लगाए गए टावरों से 19 गांवों के 1500 से अधिक किसान प्रभावित हुए हैं। किसानों का आरोप है कि उन्हें शासन के आदेश के अनुरूप पूरा मुआवजा नहीं दिया गया।
दरअसल, शासन ने 10 मार्च 2025 को आदेश जारी कर टावर बेस भूमि के लिए 200% और तारों के नीचे की भूमि के लिए 30% मुआवज़ा तय किया था। लेकिन किसान नेता ढालेश साहू का कहना है कि प्रशासन ने इन दरों को घटाकर केवल 80% और 15% भुगतान किया है।
किसानों का आरोप: 6 महीने से लटका मुआवज़ा
ग्राम नगपुरा में हुए विरोध प्रदर्शन में सैकड़ों किसानों ने भाग लिया।
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रमेश साहू (मातरोडीह) ने बताया कि छह महीने बीत जाने के बाद भी पूरा मुआवज़ा नहीं मिला।
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बंसीलाल देवांगन ने फसल नुकसान और पेड़ों की कटाई का भी पूरा मुआवज़ा मांगा है।
किसानों की मुख्य मांगें
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शासन आदेश के अनुसार पूरा मुआवज़ा दिया जाए।
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खेत की मेड़ों पर लगे पेड़ों का भी मुआवज़ा मिले।
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भुगतान में की गई गड़बड़ी और भेदभाव की जांच हो।
नगपुरा, मातरोडीह, टोला, भेडसर, ढांबा और डांडेसरा सहित कई गांवों के किसान इस आंदोलन में शामिल हुए।

Niraj Tiwari
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