डोंगरगढ़ पदयात्रा हादसा: नाबालिग चला रहा था थार, स्टंट दिखाने की कोशिश में महिमा साहू की मौत

राजनांदगांव। डोंगरगढ़ में माता बम्लेश्वरी के दर्शन के लिए पदयात्रा कर रही भिलाई हाउसिंग बोर्ड की महिमा साहू की मौत के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। जिस थार वाहन ने उन्हें ठोकर मारी थी, उसे एक नाबालिग चला रहा था। पुलिस जांच में सामने आया कि वह अपने दोस्तों को स्टंट दिखाने के चक्कर में वाहन तेज रफ्तार और लापरवाही से चला रहा था।
23 सितंबर को थार (CG 04 QC 8007) सोमनी थाना क्षेत्र में अनियंत्रित होकर महिमा को टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल महिमा को सेक्टर-9 अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद वाहन चालक फरार हो गया था।
नाबालिग को बचाने की साजिश
पुलिस जांच में सामने आया कि हादसे के बाद नाबालिग को बचाने के लिए एक युवक राजकुमार ध्रुव को थार का चालक बताने की कोशिश की गई थी। लेकिन सीसीटीवी और अन्य साक्ष्यों से पुलिस ने सच्चाई का खुलासा किया। अब नाबालिग समेत चार लोगों को हिरासत में लेकर हिट एंड रन का मामला दर्ज किया गया है।
मौज-मस्ती में गई जान
थार में उस समय चार लोग सवार थे, जिनमें दो नाबालिग लड़कियां भी शामिल थीं। नाबालिग चालक ने बार-बार गाड़ी को रिजर्व रूट में डालकर तेज रफ्तार और अचानक ब्रेक लगाकर स्टंट किए। इसी दौरान महिमा पदयात्रा कर रही थीं और थार की चपेट में आ गईं।
परिजनों का आरोप
महिमा के परिजनों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि पुलिस आरोपियों से मिलीभगत कर रही है और उन्हें विशेष सुविधाएं दी जा रही हैं। इसी को लेकर सोमनी थाने में जमकर हंगामा हुआ।
सीसीटीवी से खुला राज
घटना के बाद पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इसमें सामने आया कि थार का मालिक भिलाई निवासी रजत सिंह है, जिसे नयन सिंह नामक ट्रांसपोर्टर किराए पर चला रहा था। उसी ने वाहन नाबालिग को सौंप दिया था। नाबालिग अपने दोस्तों के साथ डोंगरगढ़ दर्शन करने और मौज-मस्ती करने निकला था।

Niraj Tiwari
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