दिव्यांग शिक्षिका की अनोखी पहल: ब्लाइंड बच्चों के लिए 3800 से अधिक ऑडियो पुस्तकें

छत्तीसगढ़ की दिव्यांग शिक्षिका के. शारदा ने ब्लाइंड बच्चों के लिए 3800 से अधिक ऑडियो पुस्तकें तैयार की हैं। उन्होंने अपने इस अभियान के माध्यम से देशभर के ब्लाइंड बच्चों को शिक्षित करने का लक्ष्य रखा है।
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक प्रेरणादायक खबर सामने आई है, जहां एक दिव्यांग शिक्षिका ने ब्लाइंड बच्चों के लिए 3800 से अधिक ऑडियो पुस्तकें तैयार की हैं। के. शारदा नामक इस शिक्षिका ने अपने इस अभियान के माध्यम से देशभर के ब्लाइंड बच्चों को शिक्षित करने का लक्ष्य रखा है।
के. शारदा दुर्ग जिले के खेड़ामारा स्थित शासकीय स्कूल में शिक्षिका हैं। उन्हें 2024 में राष्ट्रपति के हाथों राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। इसके बाद उन्होंने ब्लाइंड बच्चों के लिए कुछ खास करने का फैसला किया।
शारदा ने इंटरनेट की मदद से सीखा कि ऑडियो पुस्तक कैसे बनाई जाती है और फिर उन्होंने अपना यह अभियान शुरू किया। आज डेढ़ साल के भीतर उन्होंने 3800 से अधिक ऑडियो पुस्तकें तैयार कर ली हैं।
इन ऑडियो पुस्तकों में कक्षा 6वीं से 12वीं तक के छात्रों के लिए विभिन्न विषय, कहानियां, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, छत्तीसगढ़ी भाषा की सामग्री, हल्बी भाषा का कंटेंट शामिल है। ये ऑडियो पुस्तकें न केवल ब्लाइंड बच्चों के लिए बल्कि सामान्य छात्रों के लिए भी उपयोगी हैं।
शारदा ने अपनी इस पहल के माध्यम से देशभर के ब्लाइंड बच्चों को शिक्षित करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने अपनी ऑडियो पुस्तकों को वर्ल्ड ऑडियो बुक्स प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराया है।
इसके अलावा, शारदा ने चार ब्रेल पुस्तकें भी तैयार की हैं, जिन्हें छत्तीसगढ़ के 20 ब्लाइंड स्कूलों में भेजा गया है। उन्होंने पहली से आठवीं तक के बच्चों के लिए क्यूआर कोड वाली गणित पुस्तिका तैयार की है, जिसमें मोबाइल से क्यूआर कोड स्कैन करते ही संबंधित चैप्टर का वीडियो खुल जाता है।
शारदा की इस अनोखी पहल को देशभर में सराहा जा रहा है। उन्हें उनके इस अभियान के लिए कई पुरस्कार और सम्मान मिल चुके हैं। शारदा की यह पहल न केवल ब्लाइंड बच्चों के लिए बल्कि समाज के लिए भी एक प्रेरणा का स्रोत है।

Niraj Tiwari
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