धान खरीदी में बड़ा खुलासा: कस्टम मिलिंग घोटाले पर प्रशासन का करारा प्रहार

धान खरीदी प्रक्रिया में एक बड़े कस्टम मिलिंग घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। इस मामले में प्रशासन ने त्वरित और सख्त कार्रवाई करते हुए कई अनियमितताओं का खुलासा किया है, जिससे दोषियों पर गाज गिरने की संभावना है।
रायपुर (CGVARTA)। धान खरीदी व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए मुंगेली जिले में जिला प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। कलेक्टर कुन्दन कुमार के नेतृत्व में की गई इस सघन छापामार कार्रवाई में कस्टम मिलिंग में भारी गड़बड़ियों का खुलासा हुआ है। जांच के बाद 14 राइस मिलों को सील कर दिया गया है, जबकि 12 हजार क्विंटल से अधिक धान जब्त किया गया है।
राज्य स्तरीय आईसीसीसी (इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर) से प्राप्त अलर्ट और मुख्य सचिव विकासशील के स्पष्ट निर्देशों के बाद प्रशासन पूरी सख्ती के साथ मैदान में उतरा। कलेक्टर के साथ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल, जिला पंचायत सीईओ प्रभाकर पाण्डेय तथा राजस्व, पुलिस और खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने जिले की विभिन्न राइस मिलों में एक साथ छापेमारी की।
जांच में सामने आईं चौंकाने वाली अनियमितताएं
जांच के दौरान ओवरलोडिंग, रिसायक्लिंग और कस्टम मिलिंग में गंभीर अनियमितताएं उजागर हुईं।
- उपलेटा राइस मिल,
- नेशनल दाल मिल (नवागांव घुठेरा रोड),
- वर्धमान मिलिंग इंडस्ट्रीज,
- जैन राइस इंडस्ट्रीज,
- नवकार दाल उद्योग (पंडरिया रोड)
इन मिलों में गड़बड़ी पाए जाने पर 12 हजार क्विंटल से अधिक धान जब्त किया गया।
वहीं दीपक राइस इंडस्ट्रीज और दीपक मिलिंग इंडस्ट्रीज (नवागढ़ रोड) में 198 क्विंटल से अधिक, एसएस फूड (लोरमी रोड) में 1761 क्विंटल से अधिक धान की कमी पाई गई।
जिला खाद्य अधिकारी हुलेश डड़सेना ने बताया कि अनियमितताओं के चलते छत्तीसगढ़ चावल उपार्जन आदेश एवं मोटर वाहन अधिनियम के तहत 19 राइस मिलों पर कार्रवाई की जा रही है, जिनमें से 14 मिलों को तत्काल सील कर दिया गया है।

Niraj Tiwari
Independent journalist with 5 years of hands-on experience covering ground reports, interviews, and investigative stories. Committed to truthful reporting and ethical journalism.
