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        गुड गवर्नेंस कागजों तक सीमित नहीं, बल्कि जनता के जीवन में बदलाव का माध्यम है : मुख्यमंत्री साय

        Niraj TiwariNiraj Tiwari
        Jan 10, 2026, 11:01 PM
        गुड गवर्नेंस कागजों तक सीमित नहीं, बल्कि जनता के जीवन में बदलाव का माध्यम है : मुख्यमंत्री साय
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        मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुशासन केवल सरकारी दस्तावेज़ों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसका सीधा असर जनता के जीवन पर दिखना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि असली बदलाव तब आता है जब नीतियां और योजनाएं लोगों के लिए सार्थक परिणाम लाती हैं।

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        रायपुर (CGVARTA)। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि गुड गवर्नेंस केवल कागजों पर नहीं, बल्कि जनता के जीवन में सकारात्मक बदलाव और अधिकारियों के कार्य व्यवहार में स्पष्ट रूप से दिखना चाहिए। वे राजधानी नवा रायपुर में आयोजित मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2025-26 समारोह को संबोधित कर रहे थे।

        सुशासन एवं अभिसरण विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में सुशासन और नवाचारों के लिए 5 विभागों एवं 5 जिलों को मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ई-प्रगति पोर्टल का शुभारंभ किया, जिसके माध्यम से राज्य के सभी विभागों के 25 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले निर्माण कार्यों की निगरानी की जाएगी।

        ई-प्रगति पोर्टल के जरिए निर्माण कार्यों की स्वीकृति से लेकर बजट, भुगतान, मजदूरी, एमआईएस, स्ट्रक्चर लेवल तक की रियल-टाइम मॉनिटरिंग मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा की जाएगी। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, समयबद्धता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।

        अंतिम व्यक्ति तक सुशासन पहुंचाना सरकार का लक्ष्य

        मुख्यमंत्री ने कहा कि गुड गवर्नेंस का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति को बुनियादी सेवाओं के लिए भटकने से बचाना है। पंचायतों में संचालित अटल डिजिटल सेवा केंद्रों के माध्यम से ग्रामीणों को आधार, पेंशन, बैंकिंग और बिल भुगतान जैसी सुविधाएँ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जा रही हैं।

        तकनीकी नवाचारों के जरिए शासन और नागरिकों के बीच दूरी को कम किया गया है। ई-प्रगति पोर्टल राज्य की बड़ी परियोजनाओं की निगरानी को अधिक प्रभावी बनाएगा, जिससे विभागों, जिला प्रशासन और मुख्यमंत्री कार्यालय के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा।

        सुशासन के लिए ऐतिहासिक सुधार

        मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में देश का पहला सुशासन एवं अभिसरण विभाग गठित किया गया है, जो सभी योजनाओं के समन्वय और प्रभावी क्रियान्वयन का केंद्र है। बीते दो वर्षों में 400 से अधिक नीतिगत सुधार किए गए हैं। पुराने अनुपयोगी नियम समाप्त किए गए और कई कानूनों में संशोधन कर प्रशासन को अधिक सरल और नागरिक-केंद्रित बनाया गया।

        आगामी वर्ष से मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 8 अलग-अलग क्षेत्रों में प्रदान किया जाएगा, जिनमें ई-गवर्नेंस, सेवा वितरण, ग्रामीण और शहरी विकास जैसे क्षेत्र शामिल होंगे।

        डिजिटल गवर्नेंस से बढ़ी पारदर्शिता

        ई-ऑफिस प्रणाली से सरकारी कार्यों में तेजी और पारदर्शिता आई है। अब फाइलें हफ्तों नहीं, बल्कि एक क्लिक में आगे बढ़ती हैं। इससे भ्रष्टाचार की संभावना कम हुई है और जवाबदेही सुनिश्चित हुई है। शीघ्र ही ई-ऑफिस को सभी संभागों और जिलों में लागू किया जाएगा।

        बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है। शीघ्र ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन भी प्रारंभ की जाएगी, जिससे शिकायत निवारण और जनभागीदारी को मजबूती मिलेगी।

        जिला श्रेणी के विजेता नवाचार

        • दंतेवाड़ा – ब्लॉकचेन आधारित भूमि अभिलेख डिजिटलीकरण

        • जशपुर – “निर्माण जशपुर” डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम

        • मोहला–मानपुर–अंबागढ़ चौकी – संवर्धित टेक-होम राशन (A-THR) पोषण नवाचार

        • गरियाबंद – हाथी ट्रैकिंग एवं अलर्ट ऐप

        • नारायणपुर – इंटिफाई इंटेलिजेंस टूल

        विभागीय श्रेणी के विजेता नवाचार

        • शिक्षा विभाग – विद्या समीक्षा केंद्र (VSK)

        • वाणिज्य एवं उद्योग विभाग – वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम

        • वाणिज्य कर (आबकारी) विभाग – समग्र ई-गवर्नेंस सुधार

        • वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग – FDS 2.0 (ई-कुबेर डिजिटल भुगतान)

        • पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग – मनरेगा में QR कोड आधारित सूचना प्रणाली

        कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिकारी रहे उपस्थित

        कार्यक्रम को मुख्य सचिव विकास शील ने संबोधित किया। स्वागत उद्बोधन सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव राहुल भगत ने तथा धन्यवाद ज्ञापन संयुक्त सचिव मयंक अग्रवाल ने किया। कार्यक्रम में डीजीपी अरुण देव गौतम, अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, प्रमुख सचिव सुबोध सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

        Niraj Tiwari
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        Niraj Tiwari

        Independent journalist with 5 years of hands-on experience covering ground reports, interviews, and investigative stories. Committed to truthful reporting and ethical journalism.

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        Railway Disaster Newsबलौदाबाजारअमित बघेलछत्तीसगढ़
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