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        सरकारी जमीनों में अतिक्रमण पर सदन में हंगामा

        Niraj TiwariNiraj Tiwari
        Mar 10, 2026, 5:11 PM
        सरकारी जमीनों में अतिक्रमण पर सदन में हंगामा
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        छत्तीसगढ़ विधानसभा में सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण के मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ. विपक्ष ने सरकार पर अतिक्रमणकारियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया.

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        छत्तीसगढ़ विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण के मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ. डोंगरगढ़ विधायक हर्षिता स्वामी बघेल ने सहकारी केंद्रीय बैंक भवन निर्माण का मामला उठाते हुए कहा कि वर्क ऑर्डर, टेंडर और भूमि पूजन के बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाया गया, इसलिए निर्माण शुरू नहीं हो पाया.

        मंत्री केदार कश्यप ने जवाब दिया कि 2023 में स्वीकृति मिली थी, लेकिन वहां पार्किंग और अन्य सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है, इसलिए दूसरी जगह जमीन देखी जा रही है. इस पर हर्षिता बघेल ने कहा कि जब पहले ही सभी सुविधाएं देखकर टेंडर और भूमि पूजन हुआ था तो अब देरी क्यों हो रही है और बैंक कब तक किराए के भवन में चलेगा.

        नेता प्रतिपक्ष भूपेश बघेल ने सरकार पर अतिक्रमणकारियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया और पूछा कि अतिक्रमण हटाने की तारीख बताई जाए. मंत्री ने कहा कि कलेक्टर को पत्र लिखा गया है और जल्द कार्रवाई होगी. मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्षी विधायकों ने नारेबाजी करते हुए वॉकआउट कर दिया.

        इस मामले में विपक्ष ने सरकार पर अतिक्रमणकारियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया है. भूपेश बघेल ने कहा कि सरकार अतिक्रमणकारियों को संरक्षण दे रही है और उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही है.

        विधानसभा में ओंकार साहू ने प्रदेश में पिछले 3 सालों में ओवरलोडिंग, बिना परमिट और बिना बीमा चलने वाले वाहनों के कितने प्रकरण बने और कितनी राशि वसूली गई, इसकी जानकारी मांगी. मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि इस अवधि में ओवरलोडिंग, बिना परमिट संचालन और बिना बीमा पाए जाने पर 77,810 प्रकरण बनाए गए हैं और उनसे 42 करोड़ 79 लाख 5 हजार 300 रुपए की वसूली की गई है.

        इस मामले में भूपेश बघेल ने मंत्री से अलग-अलग आंकड़ों की जानकारी मांगी, लेकिन मंत्री ने बताया कि अलग-अलग आंकड़ों की जानकारी बाद में उपलब्ध करा दूंगा.

        विधानसभा में कुंवर सिंह निषाद ने कांकेर के भानुप्रतापपुर क्षेत्र में गोदावरी पावर एंड इस्पात की माइंस से लगे लगभग पौने 200 एकड़ क्षेत्र को वेस्ट मटेरियल डम्प करने के लिए दिया गया है, इसकी जानकारी मांगी. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बताया कि जब आपकी सरकार थी, तब गोदावरी इस्पात को 2.65 हेक्टेयर जमीन ओवरबर्डन निस्तारण के लिए दी गई थी.

        इस मामले में कुंवर सिंह निषाद ने मुख्यमंत्री से जीएसआई जांच की कॉपी उपलब्ध कराने की मांग की, लेकिन मुख्यमंत्री ने बताया कि भारत सरकार के खान मंत्रालय के 28 नवंबर 2024 के पत्र के अनुसार खनिज पट्टा क्षेत्र से लगी गैर-खनिज भूमि के लिए नीलामी जरूरी नहीं होती.

        विधानसभा में रेणुका सिंह ने नेशनल हेराल्ड को दिए गए विज्ञापनों का मुद्दा उठाया और सरकार से जानकारी मांगी कि किन परिस्थितियों में और किस प्रक्रिया के तहत यह विज्ञापन जारी किए गए.

        इस पूरे मामले में विपक्ष ने सरकार पर अतिक्रमणकारियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया है और सरकार से जवाब मांगा है. सरकार को जल्द ही इस मामले में कार्रवाई करनी होगी और विपक्ष को जवाब देना होगा.

        Niraj Tiwari
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        Niraj Tiwari

        Independent journalist with 5 years of hands-on experience covering ground reports, interviews, and investigative stories. Committed to truthful reporting and ethical journalism.

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