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        छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य 6 अक्टूबर तक EOW रिमांड पर, ‘बिग बॉस’ ग्रुप से करोड़ों की डीलिंग का खुलासा

        Niraj TiwariNiraj Tiwari
        Sep 25, 2025, 6:27 PM
        छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य 6 अक्टूबर तक EOW रिमांड पर, ‘बिग बॉस’ ग्रुप से करोड़ों की डीलिंग का खुलासा
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        रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में बड़ा अपडेट सामने आया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को बुधवार को रायपुर की स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने चैतन्य को 6 अक्टूबर तक EOW की कस्टोडियल रिमांड पर भेज दिया है। इसी केस में गिरफ्तार कारोबारी दीपेन चावड़ा को भी 29 सितंबर तक रिमांड पर भेजा गया है।

        देर रात पूछताछ, कई अहम खुलासे

        बुधवार देर रात EOW ने चैतन्य और दीपेन से करीब 2 घंटे पूछताछ की। सूत्रों के मुताबिक, अफसरों ने “बिग बॉस” वॉट्सऐप ग्रुप, शराब घोटाले और पैसों के लेन-देन से जुड़े कई राज खोले।

        ED की चार्जशीट में गंभीर आरोप

        ईडी के आरोप पत्र के मुताबिक, चैतन्य बघेल ने करीब 1000 करोड़ रुपए हैंडल किए। इसमें से लगभग 200 करोड़ रुपए की कमाई खुद की, जबकि 850 करोड़ रुपए कांग्रेस के तत्कालीन कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल तक पहुंचाए गए।
        चार्जशीट में यह भी दावा किया गया है कि ब्लैक मनी को रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में लगाकर सफेद दिखाया गया।

        ‘बिग बॉस’ ग्रुप से चलता था पूरा सिंडिकेट

        ईडी के मुताबिक, “बिग बॉस” नाम के वॉट्सऐप ग्रुप में अनवर ढेबर, अनिल टुटेजा, सौम्या चौरसिया और चैतन्य बघेल जैसे बड़े नाम जुड़े थे। इसी ग्रुप में करोड़ों की हेराफेरी, नकली होलोग्राम और पैसों की डीलिंग होती थी।

        बंसल का कबूलनामा

        दुर्ग-भिलाई के शराब कारोबारी पप्पू बंसल ने भी स्वीकार किया कि उसने और चैतन्य ने मिलकर 1000 करोड़ से ज्यादा कैश मैनेज किया। उसने माना कि रकम कांग्रेस नेताओं तक पहुंचाई जाती थी।

        घोटाले का पैटर्न: तीन हिस्सों में बंटी गड़बड़ी

        1. डिस्टलरी से कमीशन वसूली – शराब निर्माताओं से प्रति पेटी कमीशन लिया गया।

        2. नकली होलोग्राम वाली शराब की बिक्री – सरकारी दुकानों से डुप्लीकेट स्टिकर वाली शराब बेची गई।

        3. सप्लाई जोन का खेल – डिस्टलरीज के सप्लाई एरिया बदलकर अवैध उगाही की गई।

        जांच जारी

        EOW और ED दोनों एजेंसियां डिजिटल डेटा, बैंक लेन-देन और मोबाइल चैट्स की गहन जांच कर रही हैं। आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे की उम्मीद है।

        Niraj Tiwari
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        Niraj Tiwari

        Independent journalist with 5 years of hands-on experience covering ground reports, interviews, and investigative stories. Committed to truthful reporting and ethical journalism.

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