भारत से वैश्विक संदेश: 20 हजार युवाओं ने बाल विवाह के खिलाफ ली शपथ, बना विश्व रिकॉर्ड

भारत ने बाल विवाह के खिलाफ एक ऐतिहासिक पहल की है। 20 हजार से अधिक युवाओं ने एक साथ शपथ लेकर विश्व रिकॉर्ड बनाया, जो लैंगिक समानता और सामाजिक सुधार का वैश्विक संदेश है।
रायपुर (CGVARTA)। भारत ने बाल विवाह जैसी वैश्विक सामाजिक चुनौती के खिलाफ एक सशक्त और प्रेरणादायक संदेश पूरी दुनिया को दिया है। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के ग्राम दुधली में आयोजित देश की पहली राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी के समापन अवसर पर एक साथ 20 हजार से अधिक युवाओं और नागरिकों ने बाल विवाह रोकथाम की शपथ लेकर विश्व इतिहास रच दिया।
इस अभूतपूर्व जनभागीदारी को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया, जिससे बालोद जिला अंतरराष्ट्रीय मंच पर सामाजिक सुधार की मिसाल बनकर उभरा है।
बाल विवाह केवल भारतीय नहीं, वैश्विक समस्या
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि बाल विवाह केवल किसी एक देश या समाज की समस्या नहीं, बल्कि यह एक वैश्विक मानवाधिकार चुनौती है, जो बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य को प्रभावित करती है।
उन्होंने कहा कि सरकारें नीतियां बना सकती हैं, लेकिन समाज की सक्रिय भागीदारी के बिना किसी भी सामाजिक बुराई का अंत संभव नहीं है।
मुख्यमंत्री ने रोवर-रेंजर, स्काउट-गाइड और आम नागरिकों से आह्वान किया कि वे अपने परिवारों, समुदायों और सामाजिक दायरे में बाल विवाह के दुष्परिणामों के प्रति जागरूकता फैलाएं और समय रहते प्रशासन को सूचना देकर बच्चों का भविष्य सुरक्षित करें।
विश्व रिकॉर्ड के साथ सामाजिक संकल्प
"शपथ के दौरान उपस्थित जनसमुदाय ने संकल्प लिया कि वे:
बाल विवाह को रोकने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएंगे
किसी भी संभावित बाल विवाह की सूचना प्रशासन को देंगे
समाज में शिक्षा, जागरूकता और संवेदनशीलता को बढ़ावा देंगे"
मुख्यमंत्री ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए जिला प्रशासन की सराहना करते हुए कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स का प्रमाण पत्र प्रदान किया और उन्हें मेडल पहनाकर सम्मानित किया।
युवाओं की शक्ति से सामाजिक बदलाव
इस आयोजन में स्कूली शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, सांसद भोजराज नाग, भारत स्काउट-गाइड के मुख्य राष्ट्रीय आयुक्त के.के. खण्डेलवाल, महासचिव पी.जी.आर. सिंधिया सहित देशभर से आए हजारों रोवर-रेंजर, स्काउट-गाइड, जनप्रतिनिधि और ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी में हुई यह पहल यह सिद्ध करती है कि जब युवा शक्ति, प्रशासन और समाज एक साथ खड़े होते हैं, तो सामाजिक बदलाव केवल सपना नहीं, बल्कि वैश्विक उदाहरण बन जाता है।

Niraj Tiwari
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