छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को दिया अल्टीमेटम: भ्रष्टाचार और लापरवाही पर नहीं बख्शेंगे कोई

रायपुर। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने गुरुवार को मंत्रालय में समग्र शिक्षा विभाग के अधिकारियों की विस्तृत समीक्षा बैठक ली। बैठक में राज्य के शासकीय विद्यालयों में संचालित सभी शैक्षणिक योजनाओं, कार्यक्रमों और गतिविधियों की समीक्षा की गई।
मंत्री यादव ने कहा कि समग्र शिक्षा अभियान का उद्देश्य प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। इसके लिए सभी अधिकारियों को सख्ती और जिम्मेदारी के साथ काम करना होगा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि शिक्षा की गुणवत्ता सुधारना प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें ढिलाई, भ्रष्टाचार या गैर-जिम्मेदारी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
व्यावसायिक शिक्षकों की भर्ती में गड़बड़ी पर नाराजगी:
मंत्री यादव ने व्यावसायिक शिक्षकों की भर्ती में सबसे अधिक शिकायतें आने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार के लेन-देन या गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषी पाए जाने पर सख्त कार्यवाही की जाएगी और पुलिस से जांच कराने के निर्देश दिए गए।
सामग्री और वित्तीय अनुशासन पर निर्देश:
विद्यार्थियों को वितरित की जाने वाली सामग्री की गुणवत्ता सर्वोच्च स्तर की होनी चाहिए। घटिया या नकली सामग्री देने वाले आपूर्तिकर्ताओं को काली सूची में डाला जाएगा। मंत्री ने बजट के समुचित और समय पर उपयोग और उपयोगिता प्रमाण पत्र की समय पर रिपोर्टिंग पर भी जोर दिया।
तकनीकी नवाचार और शिक्षा में सुधार:
बैठक में स्कूल शिक्षा सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी और समग्र शिक्षा के प्रबंध संचालक संजय झा ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से योजनाओं और गतिविधियों की जानकारी दी। मंत्री यादव ने स्मार्ट कक्षाएँ, डिजिटल अधिगम, विज्ञान प्रयोगशालाएँ और पुस्तकालय का अधिकतम उपयोग करने के निर्देश दिए। साथ ही ऑनलाइन पाठ्यक्रम, डिजिटल अध्ययन सामग्री और शैक्षणिक ऐप्स के उपयोग पर जोर दिया।
विद्यार्थियों और छात्रावास सुरक्षा पर ध्यान:
बैठक में कक्षा 9वीं से 12वीं के विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ व्यावसायिक कौशल, रोजगार-उन्मुख शिक्षा, समावेशी शिक्षा, खेल-कूद और वार्षिक शाला अनुदान की समीक्षा की गई। मंत्री ने छात्रावासों, कन्या छात्रावासों और पोटा केबिनों में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने हाल ही में पाकेला (छिंदगढ़ विकासखण्ड) में हुई भोजन में ज़हरीला पदार्थ मिलाने की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि इस तरह की घटनाएं शासन की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं।

Niraj Tiwari
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