“CGPSC घोटाला केस में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: शासन की अपील खारिज, 77 उम्मीदवारों की नियुक्ति का रास्ता साफ

2021–22 भर्ती घोटाले में हाईकोर्ट ने सरकार को झटका दिया — जिन उम्मीदवारों के नाम चार्जशीट में नहीं, उन्हें मिलेगी नियुक्ति।
By - Thaneshwar Sahu
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) घोटाले से जुड़े मामले में बिलासपुर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की अपील खारिज करते हुए बड़ा फैसला सुनाया है।
इस आदेश के बाद 2021–22 भर्ती परीक्षा में चयनित 77 उम्मीदवारों की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है।
राज्य सरकार ने पहले सिंगल बेंच के आदेश को चुनौती देते हुए डिवीजन बेंच (मुख्य न्यायाधीश की पीठ) में अपील दायर की थी, लेकिन हाईकोर्ट ने शासन की अपील को खारिज कर दिया।
क्या था मामला?
CGPSC ने 26 नवंबर 2021 को 171 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था।
इनमें डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी, नायब तहसीलदार, जेल अधीक्षक और लेखाधिकारी जैसे प्रमुख पद शामिल थे।
11 मई 2023 को परीक्षा परिणाम घोषित हुए, लेकिन इसके तुरंत बाद भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई, क्योंकि परीक्षा में गड़बड़ी और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए थे।
घोटाले के आरोप और जांच
जांच में सामने आया कि कुछ उम्मीदवारों का चयन राजनीतिक और प्रशासनिक रसूख के आधार पर किया गया।
आरोप यह भी लगे कि CGPSC के कुछ अधिकारियों और उनके रिश्तेदारों का चयन हुआ था।
इस मामले की जांच CBI को सौंपी गई, जिसके बाद 7 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई।
सिंगल बेंच का आदेश और शासन की अपील
हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने कहा था कि —
“जिन अभ्यर्थियों के नाम चार्जशीट में शामिल नहीं हैं, उन्हें नियुक्ति से वंचित नहीं किया जा सकता।”
इसके खिलाफ राज्य सरकार ने अपील दायर की, लेकिन अब डिवीजन बेंच ने भी शासन की दलीलें खारिज कर दीं।
इस फैसले के बाद 77 चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति का मार्ग साफ हो गया है।
कानूनी विशेषज्ञों की राय
कानूनी जानकारों के मुताबिक, हाईकोर्ट का यह फैसला महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे
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निर्दोष अभ्यर्थियों को न्याय मिलेगा,
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और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की जिम्मेदारी व्यक्तिगत स्तर पर तय होगी,
न कि पूरे चयन समूह पर सामूहिक रूप से।
CGPSC घोटाले से जुड़े मुख्य बिंदु
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भर्ती वर्ष: 2021–22
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घोषित पद: 171
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जांच एजेंसी: CBI
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गिरफ्तार आरोपी: 7
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निर्दोष अभ्यर्थी: 77 (अब नियुक्ति पाएंगे)
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आरोप: चयन प्रक्रिया में भ्रष्टाचार और प्रभाव का उपयोग

Niraj Tiwari
Independent journalist with 5 years of hands-on experience covering ground reports, interviews, and investigative stories. Committed to truthful reporting and ethical journalism.
