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        6 साल बाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: पत्नी की हत्या के आरोप में सजा काट रहा पति बरी, वजह जानकर चौंक जाएंगे

        Niraj TiwariNiraj Tiwari
        Oct 12, 2025, 10:43 AM
        6 साल बाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: पत्नी की हत्या के आरोप में सजा काट रहा पति बरी, वजह जानकर चौंक जाएंगे
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        बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बालोद जिले की लक्ष्मीबाई हत्याकांड में सजा काट रहे उसके पति भेमेश्वर उर्फ रवि बिंझेकर को बरी कर दिया है। अदालत ने कहा कि डॉक्टर का फिटनेस सर्टिफिकेट न होने से मृतका के अंतिम बयान (डाइंग डिक्लेरेशन) पर भरोसा नहीं किया जा सकता। यह पूरा मामला वर्ष 2019 का है।

        जानकारी के मुताबिक, बालोद जिले के बरही गांव में 24 अप्रैल 2019 की रात लक्ष्मीबाई को जिंदा जलाने का आरोप उसके पति पर लगा था। गंभीर हालत में महिला को रायपुर के डीकेएस अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उसने बयान दिया था कि उसके पति ने मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी। महिला की 5 मई 2019 को मौत हो गई।

        2022 में निचली अदालत ने पति भेमेश्वर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। आरोपी ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी।

         हाईकोर्ट ने कहा — बयान पर भरोसा नहीं किया जा सकता

        चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बिभु दत्त गुरु की डिविजन बेंच ने पाया कि, जिस समय महिला ने बयान दिया, उस वक्त डॉक्टर की ओर से कोई लिखित प्रमाण नहीं था कि वह मानसिक रूप से बयान देने की स्थिति में थी। अदालत ने कहा —

        “बिना फिटनेस सर्टिफिकेट के डाइंग डिक्लेरेशन को विश्वसनीय साक्ष्य नहीं माना जा सकता।”

        राज्य सरकार की जांच समिति ने यह माना कि महिला इलाज के दौरान होश में थी, लेकिन अस्पताल रिकॉर्ड में कोई मेडिकल सर्टिफिकेट मौजूद नहीं मिला।

         कोर्ट ने दी चेतावनी और जारी किया निर्देश

        डॉक्टर रूबी सिंह ने बताया कि उन्होंने पुलिस को फिटनेस राय मेमो पर दी थी, लेकिन उसकी प्रति अस्पताल में सुरक्षित नहीं रखी गई।
        हाईकोर्ट ने इसे जांच एजेंसियों और तहसीलदार की गंभीर लापरवाही माना। अदालत ने राज्य सरकार और पुलिस प्रमुख (DGP) को निर्देश दिया कि भविष्य में किसी भी डाइंग डिक्लेरेशन से पहले डॉक्टर का लिखित प्रमाण अनिवार्य रूप से लिया जाए।

        भेमेश्वर 25 मई 2019 से जेल में था। हाईकोर्ट ने उसकी सजा रद्द करते हुए तत्काल रिहाई का आदेश दिया।

        Niraj Tiwari
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        Niraj Tiwari

        Independent journalist with 5 years of hands-on experience covering ground reports, interviews, and investigative stories. Committed to truthful reporting and ethical journalism.

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