Jagdapur Bulldozer Action: दीपावली से पहले रेलवे ने गिरा दिए 32 गरीबों के मकान, बवाल के बाद सियासत गर्म

जगदलपुर रेलवे जमीन से अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई, 32 झुग्गी घरों पर चला बुलडोजर — विरोध में मचा हंगामा
जगदलपुर। (Jagdalpur News) छत्तीसगढ़ के जगदलपुर रेलवे क्षेत्र में शनिवार को बड़ी कार्रवाई हुई।
रेलवे प्रशासन ने अपनी जमीन पर बने 32 अवैध झुग्गी मकानों पर बुलडोजर चला दिया।
करीब चार दशक से रह रहे गरीब परिवारों के घर ध्वस्त होने के बाद लोग सड़क पर आ गए।
इस कार्रवाई से इलाके में बवाल और विरोध प्रदर्शन की स्थिति बन गई।
रेलवे की तोड़फोड़ कार्रवाई से हड़कंप
जानकारी के मुताबिक, यह कार्रवाई रेलवे के आईडब्ल्यू सेक्शन अधिकारी के नेतृत्व में की गई।
जेसीबी और पोकलेन मशीनों से झुग्गियों को गिराया गया।
आरोप है कि कब्जाधारियों को सामान निकालने का समय नहीं दिया गया,
जिससे टीवी, फर्नीचर, कपड़े, बर्तन और कीमती सामान का भी भारी नुकसान हुआ।
लोगों का कहना है कि दीपावली जैसे त्यौहार से पहले इस तरह की कार्रवाई असंवेदनशील कदम है।
पीड़ित परिवार अब खुले आसमान के नीचे अपने बच्चों के साथ रहने को मजबूर हैं।
पहले भी जारी हुआ था नोटिस
शहर के संजय गांधी वार्ड में रेलवे जमीन पर सैकड़ों लोग झुग्गी बनाकर रह रहे थे।
रेलवे ने 2022 में नोटिस जारी कर कब्जा खाली करने कहा था,
लेकिन किसी ने भी पालन नहीं किया।
30 सितंबर 2025 को फिर से नोटिस जारी कर 11 अक्टूबर को कार्रवाई तय की गई थी।
रेलवे का कहना है कि यह कार्रवाई पूर्व सूचना और प्रशासन की उपस्थिति में की गई।
कांग्रेस ने बताया गलत, महापौर बोले मिलेगा आवास
कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुशील मोर्य ने आरोप लगाया कि रेलवे ने
बिना पूर्व सूचना के 32 घरों पर बुलडोजर चला दिया,
जबकि लोगों को पीएम आवास की स्वीकृति पहले ही दी जा चुकी थी।
वहीं, भाजपा महापौर संजय पांडे ने कहा कि
पीड़ितों को पीएम आवास योजना के तहत पुनर्वास दिया जाएगा।
उन्होंने कांग्रेस पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि
"कांग्रेस ने अपने शासनकाल में खुद गरीबों के घर तोड़े थे,
अब वही मुद्दे पर सहानुभूति जता रही है।"
भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच हुई कार्रवाई
कार्रवाई के दौरान जिला पुलिस बल, आरपीएफ और रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स के दर्जनों जवान मौजूद थे।
रेलवे प्रशासन ने कहा कि वर्षों से बार-बार नोटिस देने के बाद भी कब्जा नहीं हटाया गया,
इसलिए कार्रवाई अनिवार्य थी।

Niraj Tiwari
Independent journalist with 5 years of hands-on experience covering ground reports, interviews, and investigative stories. Committed to truthful reporting and ethical journalism.
