बलौदा बाजार में श्रम निरीक्षक सस्पेंड: दीपावली पर दुकानदारों से अवैध वसूली का आरोप, जांच में हुआ खुलासा

दीपावली के दौरान व्यापारियों से वसूली के आरोप में श्रम निरीक्षक रामचरन कौशिक निलंबित, तीन सदस्यीय जांच समिति की रिपोर्ट में सामने आई अनियमितताएं।
बलौदा बाजार। दीपावली के दौरान महिला उत्पीड़न जांच के बहाने व्यापारियों से अवैध वसूली करने वाले श्रम निरीक्षक रामचरन कौशिक के खिलाफ प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है।
कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देश पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों की पुष्टि होने के बाद कौशिक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
शिकायतों से खुला भ्रष्टाचार का मामला
जानकारी के अनुसार, दीपावली से पहले श्रम निरीक्षक कौशिक ने शहर के विभिन्न दुकानों और प्रतिष्ठानों का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने महिला कर्मचारियों से जुड़ी जांच के नाम पर व्यापारियों से पैसे वसूले जाने की शिकायतें सामने आईं।
कई व्यापारियों ने इस मामले की शिकायत सीधे कलेक्टर दीपक सोनी से की थी।
जांच समिति ने पाई अनियमितताएं
कलेक्टर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की थी।
समिति की प्रारंभिक रिपोर्ट में पाया गया कि श्रम निरीक्षक ने अपने कार्यक्षेत्र में अवैध वसूली और नियमों का उल्लंघन किया है।
नियमों के तहत कार्रवाई
रिपोर्ट के आधार पर श्रमायुक्त छत्तीसगढ़ ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम-9 के तहत कौशिक को निलंबित कर दिया।
निलंबन अवधि में उन्हें केवल जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
इस दौरान उनका मुख्यालय श्रमायुक्त कार्यालय, नवा रायपुर (अटल नगर) निर्धारित किया गया है।
अधिकारियों का सख्त रुख
प्रशासनिक सूत्रों ने बताया कि भ्रष्टाचार के मामलों में ज़ीरो टॉलरेंस पॉलिसी अपनाई जा रही है।
कलेक्टर ने अन्य अधिकारियों को भी निर्देश दिया है कि किसी भी स्थिति में व्यापारियों या नागरिकों से धन वसूली जैसी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

Niraj Tiwari
Independent journalist with 5 years of hands-on experience covering ground reports, interviews, and investigative stories. Committed to truthful reporting and ethical journalism.
