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        ओला इलेक्ट्रिक को छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग से झटका !

        CGVARTACGVARTA
        Oct 22, 2026, 6:22 PM
        ओला इलेक्ट्रिक को छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग से झटका !
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        छत्तीसगढ़ में ओला इलेक्ट्रिक (Ola Electric) की लापरवाही ग्राहकों के साथ-साथ अब कंपनी पर भी भारी पड़ती दिख रही है।

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        रायपुर (CGVARTA)। छत्तीसगढ़ में ओला इलेक्ट्रिक (Ola Electric) की लापरवाही ग्राहकों के साथ-साथ अब कंपनी पर भी भारी पड़ती दिख रही है। वाहन पंजीयन और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सब्सिडी के मामलों में ढिलाई को लेकर राज्य परिवहन विभाग ने कंपनी के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। परिवहन आयुक्त कार्यालय ने नियमों की अनदेखी करने पर ओला इलेक्ट्रिक को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है।

        3 हजार गाड़ियों का पंजीयन अटका, ग्राहक सब्सिडी से भी वंचित

        परिवहन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, ओला इलेक्ट्रिक की शिथिलता के कारण राज्य में लगभग 3,000 वाहनों का पंजीयन (रजिस्ट्रेशन) अटका हुआ है। इसके अलावा, कंपनी द्वारा बड़ी संख्या में ऐसे वाहनों के लिए तय सब्सिडी (EV Subsidy) के आवेदन ही जमा नहीं किए गए हैं।

        कंपनी की इस बड़ी लापरवाही का सीधा नुकसान आम नागरिकों को उठाना पड़ रहा है, जो शासन की जनकल्याणकारी सब्सिडी योजना का लाभ लेने से वंचित हो रहे हैं।

        मोटरयान अधिनियम के तहत कारण बताओ नोटिस जारी

        वाहनों के रजिस्ट्रेशन और सब्सिडी प्रक्रिया में लगातार हो रही देरी व लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए, परिवहन विभाग ने मोटरयान अधिनियम, 1988 (Motor Vehicles Act, 1988) के कड़े प्रावधानों के तहत कंपनी को नोटिस थमा दिया है।

        विभाग का सख्त निर्देश

        कंपनी को एक निर्धारित समय-सीमा के भीतर विभाग के समक्ष अपना पक्ष रखने और सभी लंबित मामलों पर विस्तृत स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया है।

        जवाब न देने पर होगी सीधी वैधानिक कार्रवाई

        परिवहन विभाग ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि वाहन पंजीयन और सब्सिडी का समय पर निष्पादन जरूरी है, ताकि आम उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना न करना पड़े। यदि ओला इलेक्ट्रिक तय समय-सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब देने में विफल रहती है या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो विभाग प्रचलित नियमों के अनुसार कंपनी के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई (Legal Action) करेगा।

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