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        व्यापार के साथ संस्कार: रायपुर में खुलेगा 'जैविक कृषि प्रशिक्षण केंद्र'

        Niraj TiwariNiraj Tiwari
        Oct 15, 2026, 8:15 PM
        व्यापार के साथ संस्कार: रायपुर में खुलेगा 'जैविक कृषि प्रशिक्षण केंद्र'
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        "व्यापार सिर्फ धन कमाने का जरिया नहीं, बल्कि समाजसेवा का माध्यम भी है"—इसी सोच को धरातल पर उतारते हुए रायपुर में एक अनूठी शुरुआत होने जा रही है।

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        रायपुर (CGVARTA)। "व्यापार सिर्फ धन कमाने का जरिया नहीं, बल्कि समाजसेवा का माध्यम भी है"—इसी सोच को धरातल पर उतारते हुए रायपुर में एक अनूठी शुरुआत होने जा रही है। कपड़ा कारोबार के साथ गौसेवा और प्राकृतिक खेती का संदेश फैला रहे खैरागढ़ की प्रसिद्ध 'मनोहर गौशाला' के संस्थापक एवं प्रबंध न्यासी डॉ. अखिल जैन अब राजधानी रायपुर में अपना मुख्य कार्यालय और 'जैविक कृषि प्रोत्साहन प्रशिक्षण केंद्र' शुरू करने जा रहे हैं।

        यह नया केंद्र पंडरी स्थित महालक्ष्मी मार्केट (प्रथम तल, मनोहरा साड़ी के ऊपर, शॉप नंबर 2) में खुलेगा। इस केंद्र का मुख्य उद्देश्य किसानों, युवाओं और व्यापारियों को गौ-आधारित खेती, प्राकृतिक उत्पादों और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एकजुट करना है।

        वैज्ञानिक शोध और पारंपरिक ज्ञान का अनूठा संगम

        डॉ. अखिल जैन ने बताया कि खैरागढ़ की मनोहर गौशाला में लंबे समय से गौसेवा के साथ-साथ जैविक कृषि को बढ़ावा देने के लिए अनुसंधान किए जा रहे हैं। गौशाला द्वारा गौमूत्र, नीम और प्राकृतिक वनस्पतियों से 'फसल अमृत' तथा गोबर एवं गौमूत्र के मिश्रण से 'मनोहर ऑर्गेनिक गोल्ड' जैसे बेहतरीन जैविक उत्पाद तैयार किए गए हैं।

        उन्होंने बताया कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के साथ मिलकर पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक वैज्ञानिक शोध से जोड़ा जा रहा है, ताकि किसानों को रसायन-मुक्त खेती के सुरक्षित और प्रभावी विकल्प दिए जा सकें।

        किसानों को मिलेगा सीधा प्रशिक्षण, युवाओं में बढ़ेगी जागरूकता

        रायपुर के इस नए केंद्र से केवल किसानों को मार्गदर्शन ही नहीं मिलेगा, बल्कि यह स्थान जीवदया और पर्यावरण संरक्षण का प्रमुख केंद्र बनेगा:

        किसानों के लिए: मिट्टी की उर्वरा शक्ति सुधारने, फसल सुरक्षा और प्राकृतिक खाद तैयार करने की व्यावहारिक ट्रेनिंग।

        युवाओं और व्यापारियों के लिए: पर्यावरण और जल संरक्षण की मुहिम से जुड़कर प्राकृतिक खेती को अपनाने का आह्वान।

        डॉ. जैन का कहना है कि धरती माँ की सेहत सुधारना और प्राकृतिक संसाधनों को अगली पीढ़ी के लिए बचाना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। पंडरी स्थित यह केंद्र इसी दिशा में एक नई क्रांति की शुरुआत साबित होगा।

        Niraj Tiwari
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        Niraj Tiwari

        Independent journalist with 5 years of hands-on experience covering ground reports, interviews, and investigative stories. Committed to truthful reporting and ethical journalism.

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