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        गोंदिया–जबलपुर दोहरीकरण: दक्षिण भारत जाने वाले छत्तीसगढ़ के यात्रियों को भी मिलेगा बड़ा फायदा!

        Niraj TiwariNiraj Tiwari
        Oct 16, 2026, 6:37 PM
        गोंदिया–जबलपुर दोहरीकरण: दक्षिण भारत जाने वाले छत्तीसगढ़ के यात्रियों को भी मिलेगा बड़ा फायदा!
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        दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) की महात्वाकांक्षी गोंदिया–जबलपुर दोहरीकरण परियोजना का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। ₹5,235.79 करोड़ की लागत से बनने वाली 231 किलोमीटर लंबी यह परियोजना न केवल मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के रेल नेटवर्क को मजबूत करेगी, बल्कि छत्तीसगढ़ (खासकर रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर रेल मंडल) के यात्रियों के लिए भी उत्तर और दक्षिण भारत की यात्रा को अधिक सुगम, तेज़ और समयबद्ध बनाएगी।

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        रायपुर (CGVARTA)। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) की महात्वाकांक्षी गोंदिया–जबलपुर दोहरीकरण परियोजना का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। ₹5,235.79 करोड़ की लागत से बनने वाली 231 किलोमीटर लंबी यह परियोजना न केवल मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के रेल नेटवर्क को मजबूत करेगी, बल्कि छत्तीसगढ़ (खासकर रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर रेल मंडल) के यात्रियों के लिए भी उत्तर और दक्षिण भारत की यात्रा को अधिक सुगम, तेज़ और समयबद्ध बनाएगी।

        छत्तीसगढ़ के रेल यात्रियों को क्या होगा सीधा लाभ?

        उत्तर और दक्षिण भारत की कनेक्टिविटी होगी बेहतर: गोंदिया हावड़ा–मुंबई मुख्य रेलमार्ग से जुड़ा हुआ है, जिससे छत्तीसगढ़ की सभी प्रमुख ट्रेनें गुजरती हैं। गोंदिया–जबलपुर लाइन के दोहरीकरण से बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग से वाराणसी, प्रयागराज, चेन्नई, बेंगलुरु और हैदराबाद जाने वाले यात्रियों को एक मजबूत, वैकल्पिक और बाधारहित रेल मार्ग मिलेगा।

        लेट-लतीफी से मिलेगी राहत: वर्तमान में गोंदिया-जबलपुर रेलखंड पर सिंगल लाइन होने के कारण अक्सर ट्रेनों को क्रॉसिंग के लिए रोकना पड़ता है। दोहरीकरण पूरा होने से इस रूट की लाइन क्षमता बढ़ेगी, जिससे हावड़ा-मुंबई और रायपुर रूट की ट्रेनों का परिचालन भी अधिक समयबद्ध और सुचारू हो सकेगा।

        पर्यटन और धार्मिक यात्राएं होंगी आसान: छत्तीसगढ़ से कान्हा राष्ट्रीय उद्यान, पेंच टाइगर रिजर्व और जबलपुर के धुआंधार जलप्रपात जाने वाले पर्यटकों के लिए सफर सुगम होगा। इसके अलावा अयोध्या धाम, वाराणसी, प्रयागराज, रामेश्वरम और मदुरै जाने वाले श्रद्धालुओं को भी बेहतर ट्रेन सेवाएं मिल सकेंगी।

        परियोजना के मुख्य बिंदु:

        • परियोजना की लंबाई: 231 किमी (महाराष्ट्र: 18 किमी, मध्यप्रदेश: 213 किमी)।
        • कुल स्वीकृत लागत: ₹5,235.79 करोड़ (मार्च 2026 में स्वीकृत)।
        • प्रमुख खंड व स्टेशन: गोंदिया–बालाघाट, बालाघाट–नैनपुर एवं नैनपुर–जबलपुर (कुल 23 स्टेशन)।
        • काम की स्थिति: पूरे मार्ग का सर्वे पूर्ण, 507 पुलों में से लगभग सभी का नक्शा (GDA) तैयार और 21 स्टेशनों के यार्ड प्लान फाइनल।

        माल ढुलाई, रोजगार और पर्यावरण को भी बढ़ावा

        दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी (CPRO) शेख समी उर रहमान के अनुसार, इस परियोजना से प्रतिवर्ष लगभग 7.6 मिलियन टन अतिरिक्त माल ढुलाई होगी, जिससे ₹350 करोड़ की लॉजिस्टिक बचत होगी।

        इसके अलावा, निर्माण के दौरान करीब 78 लाख मानव दिवस का रोजगार सृजित होगा। CO2 उत्सर्जन में सालाना 16 करोड़ किग्रा की कमी आएगी, जो लगभग 63 लाख पेड़ लगाने के बराबर है। वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए इस रूट पर स्पेशल अंडरपास और फेंसिंग के प्रावधान भी किए गए हैं।

        Niraj Tiwari
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        Niraj Tiwari

        Independent journalist with 5 years of hands-on experience covering ground reports, interviews, and investigative stories. Committed to truthful reporting and ethical journalism.

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