बिलासपुर हाईकोर्ट का बड़ा आदेश: पेंशन-रिटायरमेंट लाभ में धोखाधड़ी निजी विवाद नहीं

समझौते के बावजूद FIR रद्द नहीं, हाईकोर्ट ने दिए कड़े निर्देश
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पेंशन और रिटायरमेंट लाभ जारी करने के बहाने अवैध धन मांगने और धोखाधड़ी जैसे अपराधों पर सख्त आदेश दिया है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बिभु दत्ता गुरु की डिवीजन बेंच ने स्पष्ट किया कि ऐसे अपराध केवल निजी विवाद नहीं हैं और समझौते के बाद भी FIR रद्द नहीं की जा सकती।
मामला बिलासपुर का है, जहां एक सरकारी क्लर्क और अन्य अधिकारी ने मृतक शिक्षक की विधवा से पेंशन, ग्रेच्युटी और अन्य लाभ जारी करने के बहाने 2 लाख रुपए की मांग की। दबाव में महिला ने उन्हें खाली चेक सौंपा, जिससे 2 लाख 80 हजार रुपए की धोखाधड़ी हुई।
हाईकोर्ट ने कहा कि इस तरह के मामलों में पूरी जांच आवश्यक है और समझौते के आधार पर FIR खत्म नहीं की जा सकती। इसके साथ ही कोर्ट ने ध्वनि प्रदूषण से जुड़े मामले में राज्य के मुख्य सचिव को कड़े निर्देश भी दिए हैं। सुनवाई में बताया गया कि कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, 1985 में संशोधन की प्रक्रिया जारी है और राज्य सरकार मामले में सक्रिय रूप से कदम उठा रही है।
अगली सुनवाई 16 अक्टूबर को होगी।

Niraj Tiwari
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