web-logo
  • छत्तीसगढ़

    |

    राष्ट्रीय |
    देश – विदेश |
    खेल |
    मनोरंजन |
    धर्म – संस्कृति |
    लाइफस्टाइल |
  • Stories
  • E-papers
      • breaking

        विधानसभा में नेशनल हेराल्ड पर घमासान: नारेबाजी, हंगामा और दो बार कार्यवाही स्थगित

        Niraj TiwariNiraj Tiwari
        Dec 17, 2025, 1:58 PM
        विधानसभा में नेशनल हेराल्ड पर घमासान: नारेबाजी, हंगामा और दो बार कार्यवाही स्थगित
        Share :

        कांग्रेस विधायकों की सत्यमेव जयते तख्तियों पर विवाद—स्पीकर ने जताई कड़ी नाराज़गी, सप्लीमेंट्री बजट पर भी तीखी बहस।

        14px16px18px20px22px24px
        Speed:

        By – Thaneshwar Sahu
        रायपुर।
        विधानसभा के शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन की शुरुआत बेहद हंगामेदार रही। नेशनल हेराल्ड मामले को लेकर कांग्रेस विधायक सत्यमेव जयते लिखी तख्तियां लेकर सदन में पहुंचे, जिसके बाद माहौल गरमा गया।
        सदन शुरू होते ही विपक्ष ने नारेबाजी शुरू कर दी। स्पीकर डॉ. रमन सिंह ने तख्तियों के साथ सदन में बैठने की अनुमति नहीं दी, लेकिन कांग्रेस सदस्य लगातार विरोध करते रहे।
        हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही दो बार—10-10 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।

        विपक्ष–सत्ता पक्ष आमने-सामने, सदन में गूंजे नारे

        नेता प्रतिपक्ष भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि सरकार जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक द्वेष के चलते विपक्षी नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है।
        वहीं मंत्री अजय चंद्राकर ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए विपक्ष की मंशा पर सवाल उठाए।

        जांच एजेंसियों के कथित दुरुपयोग पर विपक्ष ने स्थगन प्रस्ताव भी लाया, जिसे आसंदी ने खारिज कर दिया। इसके बाद सदन का माहौल और गरमा गया। कांग्रेस विधायकों ने सत्यमेव जयते के नारे लगाए तो सत्ता पक्ष की ओर से वंदे मातरम के स्वर गूंजने लगे।


        स्पीकर ने कहा—अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं

        लगातार व्यवधान के बाद स्पीकर डॉ. रमन सिंह ने विपक्षी विधायकों के व्यवहार पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि प्रश्नकाल जैसे महत्वपूर्ण समय में बार-बार कार्यवाही रोकना लोकहित के खिलाफ है। स्पीकर ने कहा कि विपक्ष को संसदीय परंपराओं की जानकारी है, इसलिए ऐसा आचरण अमर्यादित और अनुचित है।


        35 हजार करोड़ का सप्लीमेंट्री बजट पेश, फिर मचा सियासी संग्राम

        सत्र के तीसरे दिन वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने 35,000 करोड़ का सप्लीमेंट्री बजट सदन में रखा। उन्होंने कहा कि यह बजट राज्य के विकास को नई रफ्तार देगा। विधायक अजय चंद्राकर ने इसे छत्तीसगढ़ के इतिहास का सबसे बड़ा अनुपूरक बजट बताया।

        कांग्रेस विधायक राघवेंद्र सिंह ने बजट पर सवाल उठाते हुए कहा—

        • राज्य लगातार कर्ज़ में डूब रहा है

        • वित्तीय वर्ष के आखिर में इतना बड़ा बजट लाना समझ से परे

        • बजट में कोई ठोस विज़न दिखाई नहीं देता

        उन्होंने यह भी कहा कि महतारी वंदन योजना में महिलाओं को 1000 रुपए दिए जा रहे हैं, लेकिन बिजली बिलों में उनसे ज्यादा राशि वसूली जा रही है।
        राघवेंद्र सिंह के मुताबिक, सरकार का ध्यान काम की बजाय इवेंट मैनेजमेंट पर ज्यादा है।

        उन्होंने नए पदों की भर्ती, नियमितीकरण, किसानों को समय पर भुगतान, सड़क सुधार, धान खरीदी और आदिवासी–युवा–महिला विकास के लिए स्पष्ट लक्ष्य तय करने की जरूरत बताई।

        Niraj Tiwari
        author

        Niraj Tiwari

        Independent journalist with 5 years of hands-on experience covering ground reports, interviews, and investigative stories. Committed to truthful reporting and ethical journalism.

        nextArticle