रायपुर कलेक्ट्रेट परिसर में 150 साल पुरानी बिल्डिंग की छत गिरी, कई अहम फाइलें मलबे में दबीं

रविवार सुबह हुआ हादसा, गनीमत रही कि छुट्टी का दिन था – बड़ा हादसा टल गया
रायपुर। राजधानी रायपुर के कलेक्ट्रेट परिसर में रविवार सुबह बड़ा हादसा हो गया। यहां स्थित एंग्लो रिकॉर्ड रूम की जर्जर छत अचानक भरभराकर गिर गई। गनीमत रही कि छुट्टी का दिन होने की वजह से वहां कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन कई महत्वपूर्ण सरकारी फाइलें मलबे और धूल में दब गईं।
सूचना मिलते ही अधिकारी मौके पर पहुंचे और रिकॉर्ड को सुरक्षित बाहर निकालने का काम शुरू किया गया। फिलहाल कमरे को सील कर दिया गया है और मलबा हटाने की प्रक्रिया जारी है।
पुराने रिकॉर्ड दबे
एडिशनल कलेक्टर मनीष मिश्रा ने बताया कि इस कक्ष में पुराने कर्मचारियों के पेंशन और गैजेट से जुड़े महत्वपूर्ण रिकॉर्ड रखे गए थे। रिकॉर्ड को व्यवस्थित करने का काम जारी है।
कलेक्ट्रेट के लिए नई बिल्डिंग प्रस्तावित
रायपुर कलेक्टर गौरव कुमार सिंह ने बताया कि यह इमारत बहुत पुरानी है। इसलिए कर्मचारियों को पहले ही दूसरे कमरों में शिफ्ट कर दिया गया था। कलेक्ट्रेट के लिए नई बिल्डिंग का प्रस्ताव तैयार है और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
क्यों गिरी छत?
बरसात के मौसम में छत से लगातार पानी टपक रहा था। पानी की निकासी सही न होने से छत पर पानी जमा हो गया। इसके अलावा छत पर लगे सौर पैनल का भार भी कमजोर ढांचे को सहन नहीं कर सका। इसी वजह से छत अचानक गिर गई।
150 साल पुरानी अंग्रेजों की इमारत
इतिहासकार रामेन्द्र नाथ मिश्र के अनुसार, रायपुर कलेक्ट्रेट भवन का निर्माण 1854 में अंग्रेजों ने कराया था। इसमें कलचुरी राजाओं के 600 साल पुराने किले के पत्थर लगाए गए थे। वर्षों से मरम्मत न होने की वजह से अब यह भवन जर्जर हालत में पहुंच चुका है।

Niraj Tiwari
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