छत्तीसगढ़ में नक्सल मोर्चे पर बड़ी सफलता: गढ़चिरौली में 11 और कांकेर में 4 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

82 लाख के इनामी नक्सली DG के सामने सरेंडर; कांकेर में 2009 के मदनवाड़ा हमले में शामिल महिला नक्सली भी हुई आत्मसमर्पित।
पखांजूर। छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र की सीमा पर चल रहे नक्सल विरोधी अभियान का असर लगातार देखने को मिल रहा है। पुलिस दबाव और शासन की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर नक्सलियों के आत्मसमर्पण का सिलसिला जारी है। बुधवार को गढ़चिरौली में 11 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। इन सभी पर कुल 82 लाख रुपये का इनाम घोषित था। नक्सलियों ने अपने हथियारों के साथ DG रश्मि शुक्ला के समक्ष आत्मसमर्पण किया। ये सभी लंबे समय से सीमावर्ती जंगलों में सक्रिय थे।
कांकेर में भी 4 नक्सलियों ने डाला हथियार
इधर कांकेर जिले में पुलिस को एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली है। यहां चार नक्सलियों ने सरेंडर किया है, जिनमें वर्ष 2009 के चर्चित मदनवाड़ा हमले में शामिल महिला नक्सली भी है। यह वही हमला था, जिसने पूरे देश को हिला दिया था, जिसमें राजनांदगांव के एसपी विनोद चौबे सहित 29 जवान शहीद हुए थे।
इतने इनामी थे आत्मसमर्पित नक्सली
कांकेर में आत्मसमर्पण करने वालों में—
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मंजुला उर्फ लक्ष्मी पोटाई — 5 लाख की इनामी, मदनवाड़ा हमले की सहभागी
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काजल उर्फ रजिता, कंपनी नंबर-10 सदस्य — 8 लाख की इनामी
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विलास उर्फ चैतू उसेंडी — 5 लाख की इनामी
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रामसाय उर्फ लखन — 5 लाख की इनामी
इन नक्सलियों को सरेंडर के बाद पुलिस की ओर से 50-50 हजार रुपये की तत्काल सहायता राशि प्रदान की गई।
“अब बहुत कम नक्सली बचे”—कांकेर SP
कांकेर एसपी आई. कल्याण एलिसेला ने बताया कि सरेंडर करने वाले नक्सली कई बड़ी घटनाओं में शामिल रहे हैं और लंबे समय से प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय थे। उन्होंने कहा कि सरकार की पुनर्वास नीति और फोर्स के लगातार दबाव के कारण नक्सलियों में सरेंडर की प्रवृत्ति बढ़ रही है। जिले में अब बहुत कम नक्सली बचे हैं और जल्द ही और आत्मसमर्पण की संभावना है।

Niraj Tiwari
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