मोस्ट वांटेड नक्सली हिड़मा ढेर : 1 करोड़ ईनाम वाला कमांडर कैसे गिरा?

आंध्र-छत्तीसगढ़ बॉर्डर पर बड़ी सफलता, हिड़मा और उसकी पत्नी समेत 6 नक्सली मारे गए
by - Thaneshwar sahu
सुकमा। देश के सबसे बड़े नक्सली चेहरों में शामिल और 1 करोड़ रुपए का इनामी माओवादी कमांडर माड़वी हिड़मा मंगलवार सुबह सुरक्षा बलों के साथ हुए एनकाउंटर में मारा गया। यह मुठभेड़ आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीताराम राजू जिले के मारेडुमिली इलाके में हुई, जो छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले से सटा क्षेत्र है। सुरक्षाबलों ने हिड़मा के साथ उसकी पत्नी राजे समेत कुल 6 नक्सलियों को मार गिराया।
बस्तर रेंज के आईजी पी. सुंदरराज के मुताबिक, यह एनकाउंटर सोमवार सुबह से ही चल रहा था और कई घंटे तक गोलीबारी होती रही। जंगलों में जवान लगातार सर्चिंग ऑपरेशन में जुटे रहे।
कौन-कौन मारे गए?
मारे गए नक्सलियों में इनकी पहचान की गई है —
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हिड़मा – CC सदस्य
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मडगम राजे (पत्नी) – SZCM
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लकमल – DCM
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कमलू – PPCM
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मल्ला – PPCM
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देवे – हिड़मा का गार्ड
हिड़मा: 16 साल में बना था नक्सली, 1 करोड़ का इनामी
माड़वी हिड़मा, दक्षिण सुकमा के पूर्वती गांव का रहने वाला था। बताया जाता है कि वह 16 साल की उम्र में नक्सल संगठन से जुड़ा। पहले शिक्षा और सांस्कृतिक विंग में शामिल हुआ, फिर हथियार उठाया।
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PGLA बटालियन-1 का चीफ
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DKSZ का सदस्य
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CPI (माओवादी) की केंद्रीय समिति का सबसे युवा सदस्य
हिड़मा कई बड़े नक्सली हमलों का मास्टरमाइंड था, जिनमें शामिल हैं:
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2013 झीरम घाटी हमला
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बुर्कापाल हमला
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बीजापुर हमला
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दंतेवाड़ा हमला (76 जवान शहीद)
रमन्ना की मौत के बाद उसे शीर्ष कमांडर की जिम्मेदारी दी गई।
सरकार ने अपील की थी कि लौट आए — लेकिन नहीं माना
कुछ समय पहले डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने हिड़मा और अन्य नक्सली नेताओं की माताओं से मुलाकात कर पुनर्वास की अपील की थी। नेताओं की माताओं ने भी अपने बेटों से आत्मसमर्पण करने कहा। लेकिन हिड़मा ने हथियार नहीं छोड़े।
अब बस्तर पर क्या असर होगा?
हिड़मा जैसे शीर्ष नक्सली कमांडर के मारे जाने से सुरक्षा एजेंसियां इसे आतंकरोधी ऑपरेशन की बड़ी सफलता मान रही हैं। इस कार्रवाई से दक्षिण बस्तर में नक्सल नेटवर्क पर गहरा असर पड़ सकता है।

Niraj Tiwari
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