जयपुर हादसा: बेकाबू डंपर ने 400 मीटर में 17 गाड़ियां रौंदी, 14 की मौत — ड्राइवर कल्याण मीणा पर हत्या का केस दर्ज

हरमाड़ा में हुए दर्दनाक हादसे ने मचा दी दहशत, 12 घायल — नो एंट्री में घुसे डंपर पर कार्रवाई, पुलिसकर्मी सस्पेंड
जयपुर के हरमाड़ा इलाके में सोमवार दोपहर हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे राजस्थान को झकझोर दिया। एक बेकाबू डंपर (आरजे-14 जीपी 8724) ने महज 400 मीटर के दायरे में 17 वाहनों को कुचल दिया, जिससे 14 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और 12 लोग घायल हो गए, जिनमें 7 की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी घायलों को एसएमएस हॉस्पिटल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, डंपर बेकाबू होकर पेट्रोल पंप की दिशा से हाईवे की ओर बढ़ा और कई वाहनों को चपेट में ले लिया। देखते ही देखते सड़क पर चीख-पुकार मच गई और कई शवों के टुकड़े सड़क पर बिखर गए। दो शवों की पहचान अब तक नहीं हो पाई है।
डंपर ड्राइवर कल्याण मीणा गिरफ्तार
ड्राइवर की पहचान कल्याण मीणा, निवासी विराटनगर (जयपुर) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह हादसे के वक्त नशे की हालत में था। हादसे के बाद लोगों ने उसे पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने उसके खिलाफ गैर-इरादतन हत्या (IPC 304) का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
नो एंट्री में डंपर आने पर पुलिसकर्मी सस्पेंड
हादसे के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए डीसीपी ट्रैफिक सुमित मेहरड़ा ने सीआई राजकिरण, एएसआई राजपाल सिंह और कॉन्स्टेबल महेश कुमार को नो एंट्री में डंपर आने देने के आरोप में सस्पेंड कर दिया।
पीड़ित परिवारों ने लगाया एंबुलेंस पर वसूली का आरोप
पीड़ितों के परिजनों ने आरोप लगाया कि एंबुलेंस कर्मी शवों को ले जाने के लिए मनमाना किराया वसूल रहे हैं। एक परिवार ने बताया कि शव को निवाई ले जाने के लिए ₹2200 का किराया देना पड़ा। इस पर कलेक्टर ने कहा कि वसूले गए पैसे वापस कराए जाएंगे और संबंधित कर्मियों पर कार्रवाई होगी।
पुलिस जांच में नया खुलासा
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हादसे से करीब डेढ़ किलोमीटर पहले डंपर ड्राइवर की एक कार सवार से कहासुनी हुई थी। उसके बाद उसने गाड़ी तेज रफ्तार में चलाई और बेकाबू हो गया।
डंपर के पीछे लिखा था — “दम है तो पास कर, वरना बर्दाश्त कर” — जो अब सोशल मीडिया पर लोगों के गुस्से का कारण बना हुआ है।
जनता की मांग: सख्त कार्रवाई हो
इस दर्दनाक घटना के बाद लोगों में भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो और पीड़ित परिवारों को मुआवजा दिया जाए।

Niraj Tiwari
Independent journalist with 5 years of hands-on experience covering ground reports, interviews, and investigative stories. Committed to truthful reporting and ethical journalism.
