web-logo
  • छत्तीसगढ़

    |

    राष्ट्रीय |
    देश – विदेश |
    खेल |
    मनोरंजन |
    धर्म – संस्कृति |
    लाइफस्टाइल |
  • Stories
  • E-papers
      • breaking

        ISRO ने लॉन्च किया सबसे भारी सैटेलाइट CMS-03, 'बाहुबली' रॉकेट LVM3-M5 से उड़ान

        Niraj TiwariNiraj Tiwari
        Nov 2, 2025, 6:13 PM
        ISRO ने लॉन्च किया सबसे भारी सैटेलाइट CMS-03, 'बाहुबली' रॉकेट LVM3-M5 से उड़ान
        Share :
        14px16px18px20px22px24px
        Speed:

        4410 किलो वजनी सैटेलाइट GTO कक्षा में स्थापित, भारत के संचार नेटवर्क को मिलेगा नया बल।

        नई दिल्ली। भारत के अंतरिक्ष इतिहास में आज का दिन स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया है।
        भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने अपने अब तक के सबसे भारी सैटेलाइट CMS-03 को सफलतापूर्वक श्रीहरिकोटा से लॉन्च कर दिया है।

        4410 किलो वजनी यह सैटेलाइट LVM3-M5 'बाहुबली' रॉकेट के जरिए
        Geosynchronous Transfer Orbit (GTO) में स्थापित किया गया।
        यह भारत के लिए एक महत्वपूर्ण तकनीकी उपलब्धि मानी जा रही है।


        'बाहुबली' रॉकेट की विशेषताएं

        LVM3-M5 रॉकेट, जिसे पहले GSLV Mk-III कहा जाता था,
        ISRO का सबसे ताकतवर हेवी लिफ्ट लॉन्च व्हीकल है।

        43.5 मीटर ऊंचा यह रॉकेट तीन चरणों वाला है —
        1. दो सॉलिड मोटर स्ट्रैप-ऑन (S200)
        2. एक लिक्विड प्रोपेलेंट कोर स्टेज (L110)
        3. एक क्रायोजेनिक स्टेज (C25)

        यह रॉकेट 4,000 किलो तक के सैटेलाइट को GTO और
        8,000 किलो तक को Low Earth Orbit (LEO) में भेजने में सक्षम है।


        मिशन का मकसद

        यह लॉन्च LVM3-M5 की पांचवीं ऑपरेशनल उड़ान है।
        इसी रॉकेट का ह्यूमन रेटेड संस्करण (HRLV) भविष्य में
        ‘गगनयान’ मिशन के लिए इस्तेमाल किया जाएगा,
        जिसमें भारतीय अंतरिक्ष यात्री पहली बार अंतरिक्ष की यात्रा करेंगे।

        हालांकि इससे पहले 2018 में GSAT-11 (वजन 5854 किलो)
        को फ्रेंच गुयाना से Ariane-5 रॉकेट के जरिए लॉन्च किया गया था,
        लेकिन भारत की जमीन से लॉन्च हुआ CMS-03 अब तक का सबसे भारी सैटेलाइट है।

        CMS-03 का उद्देश्य भारत और आसपास के समुद्री क्षेत्रों में
        मल्टी-बैंड कम्युनिकेशन सेवाएं प्रदान करना है।


        देशी तकनीक से बना सैटेलाइट

        CMS-03 को पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से विकसित किया गया है।
        यह भारत के दूरस्थ इलाकों और समुद्री क्षेत्रों में
        ब्रॉडबैंड, टेलीविजन, टेलीमेडिसिन और डिजास्टर मैनेजमेंट सेवाओं को बेहतर बनाएगा।

        Niraj Tiwari
        author

        Niraj Tiwari

        Independent journalist with 5 years of hands-on experience covering ground reports, interviews, and investigative stories. Committed to truthful reporting and ethical journalism.

        Tag :
        2026 बंगाल विधानसभा चुनावUpdateउम्रकैदबड़ा फैसलाChhattisgarh High CourtPOCSO CaseRaipur Commissionerateरायपुर पुलिसनशा तस्करी
        nextArticle