छत्तीसगढ़ में पहली बार DGP-IG सम्मेलन की मेजबानी: रायपुर बनेगा देश की सुरक्षा रणनीति का नया केंद्र

28 से 30 नवंबर तक नवा रायपुर IIM कैंपस में होगा आयोजन — पीएम मोदी और अमित शाह रहेंगे शामिल, बस्तर मॉडल बनेगा चर्चा का मुख्य विषय।
By - Thaneshwar Sahu
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी नवा रायपुर इस महीने देश की आंतरिक सुरक्षा रणनीति का सबसे बड़ा मंच बनने जा रही है। 28 से 30 नवंबर तक IIM रायपुर परिसर में आयोजित होने वाले 60वें अखिल भारतीय DGP-IGP सम्मेलन की मेजबानी इस बार छत्तीसगढ़ कर रहा है, जो राज्य के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है।
तीन दिन चलने वाले इस आयोजन में देशभर के 70 से अधिक DGP, IG, पैरामिलिट्री फोर्स के प्रमुख और केंद्रीय एजेंसियों के अधिकारी शामिल होंगे।
गृहमंत्री विजय शर्मा ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि
“यह सम्मेलन छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का क्षण है। देश की सुरक्षा नीति में बस्तर मॉडल एक अहम उदाहरण के रूप में पेश किया जाएगा।”
इन मुद्दों पर होगी रणनीतिक चर्चा
इस सम्मेलन में देश की आंतरिक सुरक्षा से जुड़ी प्रमुख चुनौतियों पर चर्चा की जाएगी।
मुख्य विषयों में शामिल हैं —
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नक्सलवाद और माओवादी उन्मूलन रणनीति
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आतंकवाद और सीमा सुरक्षा
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ड्रग्स नेटवर्क और संगठित अपराध नियंत्रण
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साइबर सुरक्षा और डेटा प्रोटेक्शन
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बस्तर मॉडल और संयुक्त ऑपरेशन की सफलता
इस बार का फोकस छत्तीसगढ़ और मध्य भारत के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों पर रहेगा।
PM मोदी और अमित शाह रहेंगे शामिल
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह उद्घाटन सत्र में शामिल होंगे,
जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 नवंबर को सम्मेलन के समापन सत्र को संबोधित करेंगे।
पिछले वर्ष यह आयोजन भुवनेश्वर (ओडिशा) में हुआ था, लेकिन
पहली बार छत्तीसगढ़ को DGP-IGP कॉन्फ्रेंस की मेजबानी मिली है।
विधानसभा अध्यक्ष का बंगला बनेगा अस्थाई PMO
सम्मेलन के दौरान नवा रायपुर स्थित विधानसभा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह का बंगला (M-01)
तीन दिनों के लिए अस्थायी प्रधानमंत्री कार्यालय (Mini PMO) में तब्दील किया जाएगा।
यहां प्रधानमंत्री के मीटिंग्स, गोपनीय सुरक्षा ब्रीफिंग और उच्चस्तरीय सुरक्षा समन्वय बैठकों का संचालन होगा।
400 वाहनों का बेड़ा और NSG कमांडो तैनात
राजधानी रायपुर में NSG कमांडोज, CRPF और राज्य पुलिस के विशेष दस्ते तैनात किए जाएंगे।
वीवीआईपी मूवमेंट के लिए 400 से अधिक वाहन तैयार रखे गए हैं।
साथ ही ड्रोन निगरानी, डिजिटल स्कैनर, और बम डिस्पोज़ल यूनिट्स भी एक्टिव रहेंगे।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, “पूरे नवा रायपुर को सुरक्षा ज़ोन A और B में विभाजित किया गया है।”
क्यों खास है छत्तीसगढ़ के लिए यह सम्मेलन
छत्तीसगढ़ पहली बार इस स्तर की राष्ट्रीय सुरक्षा कॉन्फ्रेंस की मेजबानी कर रहा है।
राज्य को यह आयोजन इसलिए सौंपा गया क्योंकि
नक्सलवाद पर नियंत्रण में “बस्तर मॉडल” को केंद्र ने एक सफल उदाहरण के रूप में स्वीकार किया है।
IG सुंदरराज पी. के अनुसार —
“स्थानीय इंटेलिजेंस, समुदाय की भागीदारी और संयुक्त फोर्स रणनीति ने बस्तर में सुरक्षा समीकरण बदल दिए हैं।”
PM मोदी का एक महीने में दूसरा दौरा
प्रधानमंत्री मोदी 28 से 30 नवंबर के बीच रायपुर में रहेंगे।
यह उनका एक महीने में दूसरा दौरा होगा।
इससे पहले 1 नवंबर को वे राज्योत्सव कार्यक्रम और आदिवासी संग्रहालय के उद्घाटन में शामिल हुए थे।

Niraj Tiwari
Independent journalist with 5 years of hands-on experience covering ground reports, interviews, and investigative stories. Committed to truthful reporting and ethical journalism.
