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        चिदंबरम का खुलासा: 26/11 हमले के बाद बदला लेना चाहता था भारत, लेकिन अंतरराष्ट्रीय दबाव में रुकी कार्रवाई

        Niraj TiwariNiraj Tiwari
        Sep 30, 2025, 1:39 PM
        चिदंबरम का खुलासा: 26/11 हमले के बाद बदला लेना चाहता था भारत, लेकिन अंतरराष्ट्रीय दबाव में रुकी कार्रवाई
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        पूर्व गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने कहा- मेरे मन में भी प्रतिशोध का विचार आया था, पर तत्कालीन सरकार ने विदेशी दबाव में सैन्य कदम नहीं उठाया

        नई दिल्ली। 26/11 मुंबई आतंकी हमलों के 17 साल बाद पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि उस वक्त उनके मन में भी बदला लेने का विचार आया था, लेकिन तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने अंतरराष्ट्रीय दबाव और विदेश मंत्रालय की राय के चलते पाकिस्तान पर सैन्य कार्रवाई न करने का फैसला लिया।

        “पूरी दुनिया हमें रोकने लगी थी” – चिदंबरम

        चिदंबरम ने एक चैनल को दिए इंटरव्यू में बताया कि हमले के दौरान और बाद में उन्होंने प्रधानमंत्री और जिम्मेदार लोगों से जवाबी कार्रवाई पर चर्चा की थी।
        उन्होंने कहा – “पूरी दुनिया का दबाव था। तत्कालीन अमेरिकी विदेश मंत्री दिल्ली आईं और उन्होंने हमें युद्ध न करने की सलाह दी। मेरे मन में भी प्रतिशोध की भावना थी, लेकिन विदेश मंत्रालय का मानना था कि सीधी कार्रवाई नहीं करनी चाहिए। इसलिए हमने सैन्य कदम न उठाने का निर्णय लिया।”

        भाजपा का हमला

        केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने X पर इंटरव्यू का क्लिप शेयर करते हुए लिखा कि चिदंबरम ने स्वीकार किया है कि मुंबई हमलों को विदेशी दबाव के कारण सही तरीके से हैंडल नहीं किया गया।
        भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने आरोप लगाया कि चिदंबरम गृह मंत्री का पद लेने में भी हिचकिचा रहे थे और पाकिस्तान पर सख्त कदम उठाना चाहते थे, लेकिन सरकार का अन्य पक्ष भारी पड़ गया।

        कसाब की गिरफ्तारी और सजा

        26/11 हमले में 175 लोगों की मौत हुई थी। 60 घंटे तक चले आतंक के दौरान 10 आतंकियों ने मुंबई के ताज होटल, सीएसटी स्टेशन, नरीमन हाउस और कामा अस्पताल को निशाना बनाया।
        9 आतंकी मारे गए जबकि अजमल कसाब जिंदा पकड़ा गया। 2010 में स्पेशल कोर्ट ने उसे फांसी की सजा सुनाई। हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने भी फैसले को बरकरार रखा। राष्ट्रपति ने दया याचिका खारिज की और अंततः 21 नवंबर 2012 को पुणे की यरवडा जेल में कसाब को फांसी दी गई।

        मास्टरमाइंड तहव्वुर राणा का प्रत्यर्पण

        इस साल अप्रैल में मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड तहव्वुर राणा का अमेरिका से भारत प्रत्यर्पण हुआ है। राणा को पहले अमेरिका में 14 साल की सजा मिली थी। कांग्रेस का दावा है कि प्रत्यर्पण की प्रक्रिया UPA सरकार के समय शुरू हुई थी।

        Niraj Tiwari
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        Niraj Tiwari

        Independent journalist with 5 years of hands-on experience covering ground reports, interviews, and investigative stories. Committed to truthful reporting and ethical journalism.

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